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    Home»देश»क्या आपने उठा रखा है पुरुष समाज का ठेका : CJI
    देश

    क्या आपने उठा रखा है पुरुष समाज का ठेका : CJI

    adminBy adminMay 12, 2026No Comments3 Views
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    नई दिल्ली, 12 मई (ता)। सुप्रीम कोर्ट ने गत दिवस एक मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता को आड़े हाथों लिया। CJI सूर्यकांत की अगुवाई वाली पीठ ने हिंदू मैरिज एक्ट की एक धारा को चुनौती देने वाले छात्र को फटकार लगाते हुए कहा कि जनहित याचिकाओं का इस्तेमाल निजी दुश्मनी निकालने में नहीं होना चाहिए। CJI ने उसे जुर्माना लगाने की चेतावनी भी दी। इससे पहले लॉ के एक स्टूडेंट जितेंद्र सिंह ने SC में याचिका दायर कर हिंदू मैरिज एक्ट के उस प्रावधान की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी गई थी, जिसके तहत सिर्फ पत्नी को तलाक मांगने का विशेष अधिकार मिलता है। याचिका में हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 की धारा 13(2)(iii) को चुनौती दी गई थी। यह धारा पत्नी को यह अधिकार देती है कि अगर पति के खिलाफ गुजारा भत्ता का आदेश पारित होने के एक साल या उससे अधिक समय बाद भी साथ रहना शुरू नहीं हुआ है, तो वह तलाक की अर्जी दे सकती है। छात्र ने दलील दी कि इस प्रावधान को ‘जेंडर न्यूट्रल’ बनाया जाना चाहिए और यह अधिकार पुरुषों को भी मिलना चाहिए।
    इस पर सुनवाई करने से इनकार करते हुए मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और जस्टिस जोयमाल्य बागची की पीठ ने छात्र को तगड़ी डांट पिलाई। CJI ने सवाल उठाते हुए कहा कि आप कैसे प्रभावित हो रहे हैं? आपको क्या लगता है कि पूरे पुरुष वर्ग का प्रतिनिधित्व आप ही करते हैं?” CJI ने आगे याचिकाकर्ता से पूछा कि वह इस प्रावधान से व्यक्तिगत रूप से कैसे प्रभावित है, तो छात्र ने स्वीकार किया कि वह पिछले 7-8 सालों से वैवाहिक मुकदमेबाजी में फंसा हुआ है। इस पर CJI ने कहा कि आप इस PIL से अपना निजी बदला लेना चाहते हैं। यही मैं आपसे कबूल करवाना चाहता था। हम आप पर जुर्माना क्यों न लगाएं? मुझे उम्मीद है कि आप कानून की पढ़ाई सिर्फ इसीलिए नहीं कर रहे हैं।”
    वहीं जस्टिस जोयमाल्य बागची ने स्पष्ट किया कि सरकार को संविधान के तहत महिलाओं और बच्चों के लिए विशेष प्रावधान बनाने की शक्ति मिली है। जस्टिस बागची ने याचिकाकर्ता से कहा कि अगर आप इस तरह के मामलों में पूरी तरह समानता चाहते हैं, तो आपको संविधान में संशोधन करवाना होगा। यह एक विशेष कानून है।”

    CJI Surya Kant Desh Have you taken a contract for the male community? : CJI New Delhi Supreme Court tazza khabar tazza khabar in hindi
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