Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • तुरंत ईरान छोड़ दें भारतीय, एडवाइजरी अलर्ट जारी
    • कॉकरोच जनता पार्टी के बाद चींटी और अधिवक्ता कॉकरोच पार्टी का हुआ गठन, सीजेपी के आंदोलन ने जागरुकता में निभाई महत्वपूर्ण भूमिका; सात हजार का पहुंचना भविष्य का संदेश कह सकते हैं
    • टीएमसी नेताओं पर लोगों का फूटा गुस्सा
    • अखिलेश के आरोपों को श्रीराम तीर्थ क्षेत्र ने नकारा
    • मुख्यमंत्री जी दे ध्यान! भूपरिवर्तन कराने के नाम पर कुछ नेता कॉलोनाईजर कृषि की भूमि पर काट रहे हैं कालोनियां, शमन की आड़ में कई अफसर अवैध निर्माणकर्ताओं को बचाने…सरकार इस संदर्भ में नियमों का करे खुलासा और भूमाफियाओं से विरूद्ध कार्यवाई
    • डरने की जरूरत नहीं है कॉक्रोच से : आचार्य दीपांकर
    • अब बच्चों की भावनाओं को समझना भी शिक्षक सीखेंगे
    • बिजली चोरी रोकने को पड़ेंगे रात में छापे
    Facebook Instagram X (Twitter) YouTube
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Demo
    • न्यूज़
    • लेटेस्ट
    • देश
    • मौसम
    • स्पोर्ट्स
    • सेहत
    • टेक्नोलॉजी
    • एंटरटेनमेंट
    • ऑटो
    • चुनाव
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Home»न्यूज़»अब बच्चों की भावनाओं को समझना भी शिक्षक सीखेंगे
    न्यूज़

    अब बच्चों की भावनाओं को समझना भी शिक्षक सीखेंगे

    adminBy adminJune 8, 2026No Comments3 Views
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn WhatsApp Reddit Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    मेरठ, 08 जून (प्र)। सीबीएसई ने विद्यार्थियों के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए सोशल इमोशनल लर्निंग (एसईएल) को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। इसका उद्देश्य केवल शैक्षणिक उपलब्धियों पर ध्यान केंद्रित करना नहीं, बल्कि छात्रों की भावनात्मक और सामाजिक जरूरतों को भी समझना है। इसके तहत शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे वे बच्चों के व्यवहार के पीछे छिपी भावनाओं, चुनौतियों और आवश्यकताओं को बेहतर ढंग से पहचान सकेंगे।
    सीबीएसई द्वारा एसईएल आइसबर्ग मॉडल को इस कार्यक्रम का प्रमुख आधार बनाया है। शिक्षकों को यह समझाया जाएगा कि किसी छात्र के व्यवहार का आकलन केवल उसके बाहरी प्रदर्शन से नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि उसके भावनात्मक पक्ष को भी समझना जरूरी है। इस पहल के तहत प्रत्येक जिले में एसईएल एक्शन प्लान तैयार करने की व्यवस्था की गई है। रिसोर्स पर्सन व गार्गी स्कूल की प्रधानाचार्या डॉ. वाग्मिता त्यागी ने कहा कि जिले के चार शिक्षकों का चयन होने जा रहा है, जिन्हें रिसोर्स पर्सन के रूप में तैयार किया जाएगा। ये शिक्षक न केवल मेरठ में बल्कि अन्य जिलों में भी प्रशिक्षण और मार्गदर्शन का कार्य करेंगे। इनके माध्यम से एसईएल की अवधारणा को अधिक से अधिक स्कूलों तक पहुंचाया जाएगा। स्कूलों में सकारात्मक वातावरण विकसित होगा।

    Meerut Now tazza khabar in hindi Teacher teachers will also learn to understand children's emotions. Uttar Pradesh
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram Email
    admin

    Related Posts

    तुरंत ईरान छोड़ दें भारतीय, एडवाइजरी अलर्ट जारी

    June 8, 2026

    कॉकरोच जनता पार्टी के बाद चींटी और अधिवक्ता कॉकरोच पार्टी का हुआ गठन, सीजेपी के आंदोलन ने जागरुकता में निभाई महत्वपूर्ण भूमिका; सात हजार का पहुंचना भविष्य का संदेश कह सकते हैं

    June 8, 2026

    टीएमसी नेताओं पर लोगों का फूटा गुस्सा

    June 8, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    © 2026 Tazza khabar. All Rights Reserved.
    • Our Staff
    • Advertise

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.