केंद्र और प्रदेश की सरकारें आम आदमी को घर की छत और व्यवसाय के लिए दुकानें आदि बनाने हेतु कई प्रकार की राहत दे रही है इसके पीछे मकसद सीधा यह कह सकते हैं कि सरकार की निर्माण और सुनियोजित विकास की नीतियों का उल्लंघन न हो। अपनी इस मंशा को समय समय में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी आदि द्वारा ऑनलाइन संबोधन और मीटिंगों आदि में भी इस संदर्भ में संबंधित व्यक्तियों और अधिकारियों को संदेश दे चुकी है कि नीतियों का उल्लंघन करने वालों को सख्त से सख्त सजा दी जायेगी। और जितना दिखाई दे रहा है ऐसा हो भी रहा है। जनता के साथ धोखा करने वाले कितने ही बिल्डर कार्यवाही भुगत रहे हैं और कितने ही जेलों में कुछ की संपत्तियां जप्त हो चुकी हैं।
इस सब के बावजूद उत्तर प्रदेश में इन बिन्दुओं से संबंध विकास प्राधिकरण आवास विकास स्थानीय निकाय नगर निगम जिला पंचायत नगर पालिकाएं ग्राम पंचायत आदि में बैठे अधिकारी सरकार की मंशा और नीतियों के विरूद्ध प्रदेश के असुनियोजित विकास और निर्माण नीति आदि का खुलकर उल्लंघन कर रहे हैं जानकारों के अनुसार अवैध निर्माणकर्ता कच्ची कालोनियां काटने वालों और भूमाफियाओं से थोड़े से लालच के चक्कर में मिलीभगत कर हड्डी के चक्कर में कटरा कटवाने में क्यों लगे है?
माननीय प्रधानमंत्री जी यूपी के मुख्यमंत्री जी जहां तक पता चलता है भूउपयोग पर पूरी तौर पर परिवर्तन पर रोक लगी हुई है जानकार बताते है कि शमन हो नहीं सकते लेकिन पता नहीं वह कौन से कानून है कि अंग्रेजों के जमाने के नियमों को निकालकर प्राधिकरण आवास विकास नगर निगम जिला पंचायत आदि स्थानीय निकायों में तैनात अफसर और मौजूद जनप्रतिनिधि उन पुराने कानूनों का हवाला देकर जो शायद अब प्रचारित भी नहीं है या सरकार उन पर रोक लगाने पर विचार कर रही है के बावजूद भूउपयोग परिवर्तित के लिए फाइल लखनऊ गयी है अवैध निर्माणकर्ता ने शमन का मामला डाला है और सुरसा के मुंह की भांति बढ़ती कच्ची कालोनियों की एक आध दिवार या थोड़ी सी सड़क तोड़कर उन्हें ध्वस्त बताकर आम आदमी के साथ साथ यह सरकार को भी गुमराह करने की कोशिश कर रहे है। और कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से कृषि भूमि पर कच्ची कालोनियां काटने भव्य कॉमर्शियल निर्माण करने वाले इन बातों का सहारा लेकर जनता को धोखा देने में कोई कोरकसर नहीं छोड़ रहे हैं जानकारों का तो यहां तक कहना है कि इस काम में लगे भूमाफिया व अवैध निर्माणकर्ता आदि रोड बाईडिंग व हरित पट्टी की जमीन को भी घेरकर उस पर भवन बनाकर बेचने से पीछे नहीं हैं।
माननीय मुख्यमंत्री जी मेरठ, बागपत आदि में इस प्रकार के प्रकरण उच्च स्तर पर देखे जा सकते हैं। जानकारों का कहना है कि अमीनगर सराय बागपत में 63 बीघा कृषि की भूमि पर भूउपयोग बदलने के लिए फाइल लखनऊ गयी है और मानचित्र पास कराने के लिए नक्शा डाल दिया गया है कहकर अपना घर और व्यापार के लिए स्थान प्राप्त करने के इच्छुक व्यक्तियों की भावनाओं से धोखा और अनकहे रूप में उनके पैसे की लूट की जा रही बताई जाती है। माननीय मुख्यमंत्री जी पिछले दिनों ऐसी ही एक कालोनी पर मवाना में तोड़फोड़ की गयी जिसके बाद अब नक्शा पास करने के लिए डाला गया है और भूउपयोग कराया जा रहा है कहकर धोखे से कच्ची कालोनियां बेची जा रही है।
यूपी के आदरणीय मुख्यमंत्री जी जिम्मेदार अफसरों की चुप्पी के चलते 50-50, 100-100 बीघे की कालोनियां ग्राम पंचायत नगर पालिका या जिला पंचायत से पास कराने के नाम पर धोखे से नागरिकों को बेची जा रही हैं सरकार और माननीय सुप्रीम कोर्ट उपभोक्ता को इस लूट से बचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे है। इस बात को दृष्टिगत रख प्रदेश में माननीय मुख्यमंत्री जी कच्ची कालोनियांे अवैध निर्माण और सरकारी भूमि घेरे जाने से रोकने के लिए जागरूकता के साथ-साथ दोषियों को सख्त से सख्त सजा देने के साथ इनका सहयोग कर रहे विभागों के अधिकारियों को समय से पूर्व सेवा निवृत्ति नुकसान की भरपाई उनके निजी साधनों से करते हुए जब तक उन्हें जेल नहीं भेजा जाएगा तब तक नागरिकों की यह बात सही लगती है कि जल्द ही पैसा कमाकर अमीर बनने के इच्छुक कुछ नेता कुछ भूमाफिया और अफसर सरकार की नीतियों से धोखाधड़ी करने से बाज आने वाले नहीं हैं जनहित में जो भी कार्यवाही हो सकती हो वह समय से पूर्व की जानी चाहिए।

