नई दिल्ली, 12 मई। केंद्र सरकार ने नीट यूजी 2026 की परीक्षा रद्द कर दी है। सरकार ने कहा है कि परीक्षा की नई तारीखें जल्द ही घोषित की जाएंगी। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि श्अनुमानित प्रश्नपत्र्य लीक होने के आरोप सामने आए हैं। 3 मई को हुई परीक्षा की ईमानदारी पर सवाल उठे, जिसके बाद सरकार ने मामले की जांच के लिए सीबीआई को जिम्मेदारी दी है। एनटीए अब इस परीक्षा को दोबारा आयोजित करेगा और छात्रों से किसी तरह का अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। साथ ही पंजीकृत उम्मीदवारों की जानकारी और परीक्षा केंद्र पहले की तरह ही मान्य रहेंगे। इस पूरे मामले में सरकार ने जांच के आदेश भी दिए हैं, जबकि छात्रों को आधिकारिक सूचना का पालन करने की सलाह दी गई है।
जानकारी के अनुसार, नीट यूजी 2026 परीक्षा 3 मई को आयोजित हुई थी। परीक्षा से ठीक एक दिन पहले यानी 2 मई की रात कुछ छात्रों तक एक गेस पेपर पहुंचा। यह गेस पेपर व्हाट्सएप ग्रुप्स के जरिए साझा किया गया था और बाद में इसकी फोटोकॉपी भी कई जगहों पर बांटी गई।
राजस्थान एसओजी के एडीजी विशाल बंसल ने खुद इस बात की पुष्टि की कि गेस पेपर आया था। यह व्हाट्सएप पर आया और फोटोकॉपी की दुकान पर मिला। इसकी जांच चल रही है। जांच एजेंसियों के अनुसार, शुरुआत में यह गेस पेपर कथित तौर पर 2 से 5 लाख रुपये में कुछ छात्रों तक पहुंचाया गया था। बाद में यही सामग्री 30 हजार रुपये तक में बेचे जाने की बात सामने आई। हालांकि, एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह रकम किस स्तर पर और किन लोगों के बीच ली गई।
कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि राजस्थान एसओजी की जांच में खुलासा हुआ है कि केरल से एक सैंपल पेपर सीकर आया था, जिसमें करीब 150 प्रश्न वही थे जो परीक्षा में पूछे गए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 1 मई को राकेश मंडारिया नाम के काउंसलर के पास केरल में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे एक चुरू के लड़के ने गेस पेपर भेजा। लड़के ने बताया कि दक्षिण भारत में ये गेस पेपर बिक रहे हैं। इस प्रकार यह पेपर कोचिंग संस्थानों, फॉटो कॉपी की दुकानों तक और छात्रों तक पहुंचा। हालांकि, मामले की जांच जारी है और एनटीए के आधिकारिक बयान के बाद ही स्थिति साफ होगी।
जांच में सामने आया कि वायरल गेस पेपर में शामिल बड़ी संख्या में सवाल असली प्रश्नपत्र से मेल खाते थे। खासकर बायोलॉजी और केमिस्ट्री विषयों में समानता अधिक पाई गई। गेस पेपर में करीब 410 सवाल थे। आरोप है कि इनमें से लगभग 120 सवाल केमिस्ट्री में पूछे गए। यही वजह है कि मामला सामान्य श्गेस पेपर्य से आगे बढ़कर संभावित पेपर लीक और संगठित रैकेट की दिशा में जांच का विषय बन गया।
बताया जा रहा है कि परीक्षा वाले दिन ही कुछ छात्रों ने सीकर के उद्योग नगर थाने में शिकायत दी थी। छात्रों का आरोप था कि कुछ लोगों के पास पहले से ऐसा गेस पेपर मौजूद था, जिसमें परीक्षा में पूछे गए कई सवाल पहले से थे। हालांकि उस समय स्थानीय पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया।
इसके बाद 7 मई की शाम को एनटीए को भी परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़ी शिकायतें और इनपुट मिले। एजेंसी ने 8 मई की सुबह ही ये जानकारियां केंद्रीय जांच एजेंसियों को भेज दीं।

