लखनऊ 10 जनवरी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 के पहले पहचान का संकट था। प्रदेश उपद्रव से ग्रस्त था, लेकिन वर्तमान में यूपी उत्सव का प्रदेश है। यूपी अब बीमारू राज्य नहीं, बल्कि इसने खुद को रेवेन्यू सरप्लस स्टेट के रूप में स्थापित किया है। फियरलेस बिजनेस, ईज आफ डूइंग बिजनेस व ट्रस्ट आफ डूइंग बिजनेस नए यूपी की पहचान बने हैं। प्रदेश में अब 34 सेक्टरियल पालिसी हैं, जिनके माध्यम से उद्यमी किसी भी सेक्टर में निवेश करके यूपी की विकास यात्रा में योगदान दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि 2017 के पहले यूपी में एफडीआई का अंश ऊंट के मुंह में जीरा जैसा था, लेकिन आज यूपी ने अपनी पालिसी के माध्यम से एफडीआई व फार्चून-500 को आकर्षित किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेश मित्र, निवेश सारथी व उद्यमी मित्र प्रणाली के माध्यम से हम विभागीय स्वीकृतियों, समन्वय व सतत हैंड होल्डिंग को सुनिश्चित कर रहे हैं। परिणाम है कि आटो कंपोनेंट व ईवी इकोसिस्टम में यूपी तेजी से आगे बढ़ा है। 2024 में राष्ट्रीय स्तर पर ईवी बाजार में यूपी की भागीदारी 19 फीसदी थी। यूपी फेम वन व फेम टू का प्रमुख लाभार्थी है।
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