
मेरठ, 12 मई (दैनिक केसर खुशबू टाईम्स)। शहर में जब प्रमुख स्वादिष्ठ खाद्य पदार्थों की बिक्री के स्थान और मिठाई की दुकानों की चर्चा होती है तो सदर घंटाघर पर पिछले कई दशक से संचालित चस्का फूड जो पूर्व कांग्रेस नेता मिलनसार प्रवृत्ति के गिरिश सोती के नाम से संचालित है उसका भी नाम लिया जाता है। मगर पता नहीं होटल के लिए जमीन बढ़ाने या किसी की नजर लग जाने से आजकल चस्का फूड सरकारी जमीन घेरकर अवैध निर्माण के लिए खूब चर्चाओं में है। इस संदर्भ में एक वायरल खबर के अनुसार यहां छोटी सी जगह में चस्का फूड संचालित होता था बाद में इसके मालिक द्वारा अपना काउंटर और भट्टी मैन सड़क पर चबूतरा बनाकर रख ली गयी लेकिन ना तो कभी अतिक्रमण हटाने वालों और ना ही हर समय मौजूद पुलिस वालों के द्वारा ध्यान नहीं दिया गया जो भी हो चस्का फूड के संदर्भ में जारी खबर में कहा गया है कि यहां नाबालिक बच्चों से भी काम कराया जाता है और मैन घंटाघर की सड़क पर जो एक व्यवस्थित चौराहा है वहां काउंटर रख लिए जाने और होटल के बराबर में तिरपाल आदि से कमरानुमा बनाकर वहां लगभग 20-25 लोगों के खाना खाने की व्यवस्था कर ली गई और अब सड़क पर और जमीन घेरने के प्रयासों बाद चली चर्चाओं के उपरांत पूर्व में एक दिन कैंट बोर्ड के अफसरों ने आकर काम रूकवाया और सड़क घेरने वाले पर्दे और सीलिंग हटवाने के निर्देश दिये आज फिर शिविर पालिका के अफसर मौके पर पहुंचे और चस्का पर किये जा रहे अवैध निर्माण जो किसी भी प्रकार का हो उसे हटाने के निर्देश दिये गये। चित्र में इस मौके पर मौजूद भीड़ और शिविर पालिका के अधिकारी मौजूद बताये गये है।
दूसरी ओर इसके मृदुलभाषी इसके मालिक गिरीश शर्मा का कहना है कि वह कई वर्षों से यह खाने का होटल चला रहे है जब से इन्होंने इसे शुरू किया उसके बाद से कोई अवैध निर्माण हमारे द्वारा नहीं किया गया। ऊपर लगी सीलिंग बरसात के पानी से बचने के लिए सही कराई जा रही है जिसे लेकर कुछ भूमाफिया जमीन और मकान घेरने वालों को मुझसे परेशानी हुई क्योंकि मैं किसी के दबाव में नहीं आता उन्होंने शिकायत की और अफवाहें उड़ाई हैं अवैध निर्माण की गिरीश शर्मा का कहना है कि हमारे यहां कोई नाबालिग नौकरी नहीं करता और ना ही जगह घेरी है कुछ ग्राहक साइड में बेंच डालकर खानाखाने बैठ जाते हैं उन्हें धूप छावं व बारिश से बचाने के लिए एक तिरपाल टांगा गया है यह सभी दुकानदार करते हैं मैं ही नहीं असलियत क्या है यह तो चस्का के मालिक और कैंट बोर्ड के अधिकारी ही बता सकते हैंे लेकिन आज मौके पर काफी भीड़ कैंट बोर्ड के कर्मचारियों द्वारा अपनाये गये रूख को देखने के लिए भीड़ मौजूद थी।

