मेरठ 12 मई (प्र)। स्वॉट टीम और लिसाड़ी गेट पुलिस ने चमड़ा पैंठ वाली गली में हथियारों की फैक्टरी का भंडाफोड़ किया है। हथियार बनाने वाले पांच आरोपी गिरफ्तार किए हैं। इनके कब्जे से तमंचे और पिस्टल बरामद की गई है। कुछ अधबने हथियार भी बरामद किए हैं। खास बात यह है कि युवाओं को हथियार पहुंचाने के लिए इंस्टाग्राम, फेसबुक और व्हाट्सएप पर हथियारों की रील बनाकर वायरल करके लुभाते थे। इसके बाद 10 हजार में तमंचा और 40 से 50 हजार रुपये के बीच पिस्टल बेचा करते थे। गैंग का सरगना मूल रूप से लक्खीपुरा लोहिया नगर और वर्तमान निवासी विकासपुरी जनकपुरी का अमजद है, जो गाजियाबाद में एक हथियार की दुकान में हथियार ठीक करने का काम करता था। वहां पर काम सीखने के बाद मेरठ में अवैध हथियार बनाने शुरू कर दिए।
पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने बताया कि चमड़ा पैंठ वाली गली में दिलशाद के ससुर के मकान पर छापा मारा। जहां पर अवैध हथियार तीसरी मंजिल पर बनाए जा रहे थे। मौके से पुलिस ने मूल रूप से किठौर और वर्तमान में ट्रांसफार्मर वाली गली लोहिया नगर निवासी मोईन, ईरा गार्डन ब्रह्मपुरी निवासी शादाब, विकासपुरी जनकपुरी निवासी अमजद और शास्त्रीनगर सेक्टर 11 नौचंदी निवासी हसीन उर्फ भूरा को गिरफ्तार किया गया।
इसके अलावा मियां मोहम्मद नगर ब्रह्मपुरी निवासी कामिल और अच्छरौंडा परतापुर निवासी मकुल फरार चल रहे हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। पुलिस ने इनके कब्जे से एक पिस्टल, एक तमंचा, 11 अर्धनिर्मित मैगजीन, पिस्टल की नाल समेत 10 से ज्यादा अधबने हथियार बरामद किए गए हैं।
एसपी सिटी ने बताया कि सभी आरोपी हथियारों की तस्करी और बनाने के मामले में पहले भी जेल जा चुके हैं। जेल में इनकी दोस्ती हो गई और अवैध शस्त्र फैक्टरी इन्होंने लगा ली। गैंग का सरगना मूल रूप से लक्खीपुरा लोहिया नगर और वर्तमान निवासी विकासपुरी जनकपुरी का अमजद है। जो गाजियाबाद में एक हथियार की दुकान में हथियार ठीक करने का काम करता था। वहां पर काम सीखने के बाद मेरठ में अवैध हथियार बनाने शुरू कर दिए।
अब यह इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया के माध्यम से हथियारों की रील बनाकर ऑनलाइन ही हथियार पसंद कराकर बेचा करते थे। सभी आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई करते हुए संपत्ति जब्तीकरण की कार्रवाई भी की जाएगी।
एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने कहा कि फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि मेरठ और आसपास के जिलों में किन लोगों को हथियार सप्लाई किए जाते थे।

