Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • CM Yogi का बड़ा ऐलान: UP में अगले 6 माह में 1 लाख युवाओं को मिलेगी Sarkari Naukri
    • KGMU की डॉ. नीतू सिंह की बर्खास्तगी High Court ने रद्द की, बहाली का दिया आदेश
    • घुसपैठियों और भगोड़े अपराधियों पर अब होगी डबल स्ट्राइक! अमित शाह ने सुरक्षा एजेंसियों को दिये सख्त निर्देश
    • 2027 Goa Election में E20 Petrol बना मुद्दा! Kejriwal का ऐलान– हमारी सरकार बनी तो 5 दिन में करेंगे बैन
    • गंगा एक्सप्रेस-वे अब यूपी और उत्तराखंड दोनों चुनावी राज्यों को जोड़ेगा
    • 35 साल पहले कश्मीरी पंडितों के महिलाओं-बच्चों समेत 23 का हुआ था नरसंहार, फिर जांच शुरू
    • भारतीय फैशन का चीन में जलवा
    • शाहनवाज राना के ठिकानों पर छापा, दो करोड़ नकद बरामद
    Facebook Instagram X (Twitter) YouTube
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Demo
    • न्यूज़
    • लेटेस्ट
    • देश
    • मौसम
    • स्पोर्ट्स
    • सेहत
    • टेक्नोलॉजी
    • एंटरटेनमेंट
    • ऑटो
    • चुनाव
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Home»देश»हंगामों के बीच लोकसभा में 26.6 घंटे तथा राज्यसभा में 58.2 घंटे ही हुआ काम
    देश

    हंगामों के बीच लोकसभा में 26.6 घंटे तथा राज्यसभा में 58.2 घंटे ही हुआ काम

    websitemarketing2019@gmail.comBy websitemarketing2019@gmail.comFebruary 14, 2026No Comments2 Views
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn WhatsApp Reddit Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    नई दिल्ली, 14 फरवरी। संसद के बजट सत्र का पहला हंगामेदार चरण गत दिवस खत्म हो गया। महज 13 दिनों में पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे की अप्रकाशित किताब व भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते पर विवाद के चलते विपक्ष के 8 सांसद पूरे सत्र के लिए निलंबित हुए। संसद परिसर में राहुल गांधी व केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के बीच गद्दार दोस्त बनाम देश के दुश्मन की शर्मनाक जंग चर्चा में रही। इन विवादों ने सरकार और विपक्ष के संबंधों की खाई इतनी चौड़ी कर दी, जिसकी गूंज नौ मार्च से शुरू होने वाले दूसरे चरण में भी सुनाई देगी।
    लोकतंत्र के सबसे बड़े मंदिर में सभी दलों-सांसदों ने सियासत के हवन में लज्जित करने वाली आहुतियों की बारिश कर डाली। किताब बनाम किताब की जंग इतनी आगे बढ़ी कि संसदीय इतिहास में पहली बार प्रधानमंत्री लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा का जवाब देने सदन में नहीं आ सके। हालांकि पीएम ने राज्यसभा में अभिभाषण पर अपनी बात रखी। हंगामे की शुरुआत दो फरवरी को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल के 2020 के भारत-चीन संघर्ष को लेकर पूर्व सेनाध्यक्ष नरवणे की किताब के हवाले से किए गए कुछ दावों को लेकर हुई। इसे लेकर राहुल की केंद्रीय मंत्रियों अमित शाह और राजनाथ सिंह से तीखी बहस हुई। इसके बाद भी निम्न सदन में विपक्ष का हंगामा जारी रहा। इसके चलते कांग्रेस के सात और माकपा के एक सांसद को अधिकारियों की मेज पर चढ़ने और चेयर फर कागज फाड़कर फेंकने के आरोप में बजट सत्र के शेष समय के लिए सदन से निलंबित कर दिया गया।
    पीएम लोकसभा में नहीं दे सके अभिभाषण पर जवाब
    बजट सत्र के पहले चरण में ही यह हुआ कि विपक्षी सांसदों के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सीट का घेराव करने के चलते पीएम लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर पेश धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब नहीं दे सके। हालांकि उन्होंने राज्यसभा में अभिभाषण पर अपनी बात रखी।
    राहुल के खिलाफ प्रस्ताव नहीं लाएगी सरकार : रिजिजू
    संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ असंसदीय भाषा का इस्तेमाल करने के लिए सरकार ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ प्रस्ताव लाने की योजना स्थगित कर दी है, क्योंकि इसी मुद्दे पर एक भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस नेता के खिलाफ विशिष्ट प्रस्ताव शुरू करने के लिए नोटिस दिया है। उन्होंने कहा कि इस बारे में लोकसभा अध्यक्ष से सलाह ली जाएगी कि इस मामले को सदन की विशेषाधिकार समिति को भेजा जाए, आचार समिति को भेजा जाए या सीधे लोकसभा में लाया जाए। हालांकि अभी इस पर कुछ भी तय नहीं किया गया है। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने अपने प्रस्ताव में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की सदन की सदस्यता रद्द करने और उन्हें आजीवन चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित करने की मांग की है।
    बजट सत्र के पहले चरण में ही विपक्ष ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पद से हटाने के लिए प्रस्ताव लाने का नोटिस भी दिया। बिरला के खिलाफ प्रस्ताव 9 मार्च से शुरू होने वाले सत्र के दूसरे हिस्से में सदन में आने की संभावना है।
    किताब बनाम किताब की जंग के बीच 4 मार्च को विपक्ष के उत्तेजित सांसदों का समूह स्पीकर चौंबर में पहुंचा। कहासुनी का वीडियो बनाया गया। सत्ता पक्ष ने विपक्षी सांसदों पर गाली-गलौज का आरोप लगाया। इसकी आंतरिक जांच में एक दर्जन सांसदों की पहचान की गई। इसके अलावा बजट पर चर्चा के दौरान एपस्टीन फाइल पर भी विवाद हुआ। नेता प्रतिपक्ष ने केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी का नाम इस विवाद में घसीटा।
    दूसरे चरण में भी बढ़ेगा विवाद
    विवाद की आंच सत्र के दूसरे चरण में पहुंचने की भी जमीन तैयार हो गई है। भाजपा ने राहुल के खिलाफ निशिकांत के मोशन के मामले में स्पीकर से मिल कर चर्चा कराने की तैयारी की है। वहीं, विपक्ष ने एपस्टीन फाइल को मुख्य हथियार बनाने का संदेश दिया है।
    लोकसभा में 26.6 घंटे और राज्यसभा में 58.2 घंटे काम
    बजट सत्र के पहले चरण में हंगामे और व्यवधान के कारण लोकसभा का कामकाज बुरी तरह प्रभावित हुआ। पीआरएस लेजिस्टलेटिव के अनुसार, लोकसभा की उत्पादकता केवल 43 फीसदी रही जबकि राज्यसभा की 97 प्रतिशत रही। इसके अनुसार, लोकसभा ने 26.6 घंटे काम किया। वहीं राज्यसभा में 58.2 घंटे काम हुआ।
    लोकसभा में गत दिवस भी कार्यवाही शुरू होते ही केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के इस्तीफे की मांग को लेकर भारी हंगामा और शोर-शराबा हुआ। लोकसभा की कार्यवाही मात्र 6 मिनट ही चल सकी। हंगामे के चलते प्रश्नकाल नहीं हो सका। लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे फिर से आरंभ हुई तो पीठासीन अधिकारी संध्या राय ने आवश्यक कागजात सदन के पटल पर रखवाए और फिर 12ः06 बजे सदन की कार्यवाही नौ मार्च तक के लिए स्थगित कर दी। इससे पहले, सुबह बैठक शुरू होते ही राय ने पूर्व सांसद डॉ. भगवान दास राठौड़ के निधन की सूचना सदन को दी और सदस्यों ने कुछ पल मौन रखकर दिवंगत पूर्व सदस्य को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद जैसे ही उन्होंने प्रश्नकाल शुरू कराया, कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के सदस्य केंद्रीय मंत्री पुरी के इस्तीफे की मांग करते हुए नारे लगाने लगे और आसन के समीप आ गए। हंगामा नहीं थमने पर उन्होंने बैठक पांच मिनट बाद ही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी। उधर, राज्यसभा में शून्यकाल और प्रश्नकाल के बाद दोपहर एक बजे सदन की कार्यवाही 9 मार्च तक के लिए स्थगित कर दी गई।
    स्थायी समितियां अनुदान की मांगों की करेंगी समीक्षा
    बजट सत्र 28 जनवरी को दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को राष्ट्रपति के अभिभाषण के साथ शुरू हुआ था। 65 दिनों तक चलने वाले इस सत्र में 30 बैठकें होनी हैं। बजट सत्र का दूसरा चरण 9 मार्च को शुरू होगा और 2 अप्रैल को खत्म होगा। दोनों सदनों के तीन हफ्ते के विश्राम के दौरान स्थायी समितियां अलग-अलग मंत्रालयों और विभागों की अनुदान की मांगों की समीक्षा करेंगी।

    Desh Lok Sabha New Delhi tazza khabar tazza khabar in hindi
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram Email
    websitemarketing2019@gmail.com
    • Website

    Related Posts

    CM Yogi का बड़ा ऐलान: UP में अगले 6 माह में 1 लाख युवाओं को मिलेगी Sarkari Naukri

    August 25, 2026

    KGMU की डॉ. नीतू सिंह की बर्खास्तगी High Court ने रद्द की, बहाली का दिया आदेश

    August 25, 2026

    घुसपैठियों और भगोड़े अपराधियों पर अब होगी डबल स्ट्राइक! अमित शाह ने सुरक्षा एजेंसियों को दिये सख्त निर्देश

    August 25, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    © 2026 Tazza khabar. All Rights Reserved.
    • Our Staff
    • Advertise

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.