नई दिल्ली, 14 फरवरी। भारत के नागरिक उड्डयन नियामक (डीजीसीए) ने एअर इंडिया पर 1.10 लाख डॉलर (करीब 1 करोड़ रुपए) का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई एक एयरबस विमान को बिना ‘एयरवर्थनेस रिव्यू सर्टिफिकेट’ (विमानल उड़ाए जाने योग्य है या फिटनेस सर्टिफिकेट) के 8 बार उड़ाए जाने के कारण की गई।
डीजीसीए ने एक गोपनीय आदेश में कहा है कि इस चूक से देश की दूसरी सबसे बड़ी एयरलाइन पर जनता का भरोसा और कम हुआ है। एयरवर्थनेस सर्टिफिकेट एक्सपायर था पीटीआई के अनुसार मामला 26 नवंबर 2025 का है, जब एअर इंडिया ने खुद डीजीसीए को इस चूक की जानकारी दी थी। कंपनी ने बताया था कि उनके एक एयरबस ए320 नियो विमान का एयरवर्थनेस सर्टिफिकेट एक्सपायर हो चुका था। फिर भी उसे 24 और 25 नवंबर को 8 रेवेन्यू सेक्टर्स (व्यावसायिक उड़ानों) में इस्तेमाल किया गया। इसके बाद 2 दिसंबर को डीजीसीए ने मामले की जांच शुरू की थी। जांच पूरी होने के बाद अब रेगुलेटर ने जुर्माना लगाया है।
सभी कमियां दूर कर ली गई हैं जुर्माने की खबर के बाद एअर इंडिया ने एक आधिकारिक बयान जारी किया है। एयरलाइन ने कहा कि हमें डीजीसीए का आदेश मिल गया है। यह मामला उस घटना से जुड़ा है, जिसकी जानकारी हमने खुद 2025 में अथॉरिटी को दी थी। हमने अपनी जांच में जो भी कमियां पाई थीं, उन्हें पूरी तरह ठीक कर लिया गया है और इसकी रिपोर्ट रेगुलेटर को दी गई है।
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