चंडीगढ, 06 मार्च (जा)। कभी भारतीय हाकी की धुरी रहा पंजाब अब इस खेल को फिर से शीर्ष पर पहुंचाने के लिए ठोस रणनीति के साथ आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने हाकी को पुनर्जीवित करने के लिए बुनियादी ढांचे के विस्तार, प्रशिक्षण सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण और जमीनी स्तर पर प्रतिभा खोज कार्यक्रमों पर विशेष जोर दिया है। राज्य सरकार ने जिला और ब्लाक स्तर पर एस्ट्रो- टर्फ मैदानों के विकास की प्रक्रिया तेज की है, ताकि खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप अभ्यास का अवसर मिल सके। खेल विभाग के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में भी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को बड़े शहरों पर निर्भर न रहना पड़े।
राज्य के खिलाड़ियों ने फिर से भारतीय टीम में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है, जिससे बुनियादी ढांचे और नीतिगत सुधारों का असर दिखाई दे रहा है। पेरिस ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय पुरुष हाकी टीम में पंजाब के आठ खिलाड़ी शामिल थे।
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