मेरठ 12 मई (प्र)। ऊंचा सद्दीक नगर में पैंठ में कपड़ा बेचने वाले युवक की गोली मारकर हत्या करने के आरोपी को पुलिस एनकाउंटर से बचाने की एवज में 75 हजार रुपये दलालों द्वारा आरोपी पक्ष से लिए जाने की चर्चाएं हैं। एसएसपी ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच बैठा दी। साथ ही, थाना प्रभारी की ओर से थाने के गेट पर थाना परिसर में दलालों का आना सख्त मना है’ का नोटिस चस्पा कर दिया गया है। इस दलालों में खलबली मची हुई है।
लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र के ऊंचा सद्दीक नगर निवासी अमन कुरैशी लालकुर्ती पैठ में ठेली कपड़े बेचता था। दो मई की रात में दो युवकों ने घर से बाहर बुलाकर गाली- गलौज करते हुए मारपीट की थी। इसके बाद एक युवक ने अमन को सिर में गोली मार दी थी। गंभीर हालत में उसको आनंद हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। फिर, मेडिकल कालेज रेफर कर दिया था, जहां उसकी मृत्यु हो गई थी। थाने पर मृतक के पिता मुन्तियाज ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर नीचा सद्दीक नगर निवासी सूफियान व उसके साथी शमी पहचान की थी। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लिया था। इस पर परिजनों को अंदेशा था कि पुलिस सूफियान का एनकाउंटर कर सकती है। सूफियान का एनकाउंटर न हो, इसके लिए उसके परिजनों ने कुछ दलालों से संपर्क किया था। इन दलालों ने एनकाउंटर न होने की गारंटी लेते हुए 75 हजार रुपये वसूल लिए थे। लेकिन हत्या में प्रयुक्त पिस्टल बरामदगी के दौरान सूफियान ने पुलिस पर फायर झोंक दिया था। इस पर पुलिस को भी आत्मरक्षार्थं गोली चलानी पड़ी थी जिसमें सूफियान को पैर में गोली लगी थी। सूफियान का हॉफ एनकाउंटर होने पर उसके परिजनों के माध्यम से थाना पुलिस को 75 हजार रुपये दिये जाने की बात बतायी गई। फिर, आला अफसरों तक मामला पहुंचा।
एसएसपी अविनाश पांडेय के संज्ञान में मामला आया जिस पर उन्होंने मामले को गंभीरता से लिया। इसके बाद एसएसपी ने एसपी सिटी विनायक गोपाल भोंसले को जांच सौंप दी। जांच जारी बतायी गई है। इसी बीच सोमवार को लिसाड़ी गेट थाने पर ‘थाना परिसर में दलालों का आना सख्त मना है’ का नोटिस चस्पा कर दिया गया। थाना प्रभारी की ओर से चस्पा कराए गए नोटिस में स्पष्ट लिखा है कि थाने में यदि कोई भी व्यक्ति किसी काम या किसी के नाम से रुपयों-पैसों या अन्य किसी प्रकार की सुविधा की मांग करता है तो तत्काल थानाध्यक्ष के मोबाइल नंबर 9454403985 पर सूचना दें। जांच के संबंध में जब एसपी सिटी विनायक गोपाल भोंसले से उनके मोबाइल पर संपर्क किया गया, लेकिन उनका पक्ष नहीं मिल सका।

