मुंबई, 16 जुलाई (ता)। अभिनेत्री रानी मुखर्जी को भारतीय सिनेमा में उनके योगदान और मानवीय कार्यों के लिए ऑस्ट्रेलिया का ला ट्रोब विश्वविद्यालय ‘डॉक्टर ऑफ लेटर्स’ (डीलिट) की मानद उपाधि देगा। भारतीय फिल्म महोत्सव मेलबर्न (आईएफएफएम) ने गत दिवस यह घोषणा की। अपने तीन दशक के करियर में ‘ब्लैक’, ‘नो वन किल्ड जेसिका’, ‘हिचकी’, ‘मर्दानी’ और ‘मिसेज चटर्जी वर्सेस नॉर्वे’ जैसी फिल्में कर चुकीं रानी मुखर्जी को यह सम्मान 14 अगस्त को मेलबर्न के ‘फेडरेशन स्क्वायर’ में आयोजित एक विशेष समारोह में दिया जाएगा। यह समारोह 13 से 23 अगस्त तक चलने वाले आईएफएफएम 2026 के दौरान आयोजित होगा। आईएफएफएम ने एक बयान में कहा कि यह सम्मान महिलाओं, बच्चों और हाशिए पर रहने वाले समुदायों से जुड़े मुद्दों के लिए उनके समर्थन को भी मान्यता देता है।
मुखर्जी ने कहा कि ला ट्रोब विश्वविद्यालय से मानद ‘डॉक्टर ऑफ लेटर्स’ की उपाधि पाकर मैं बहुत सम्मानित महसूस कर रही हूं। सिनेमा मेरी जीवन-यात्रा में मेरा सबसे बड़ा गुरु रहा है और मैंने हमेशा कहानी कहने की उस ताकत पर भरोसा किया है जो लोगों में सहानुभूति जगाती है, सार्थक संवाद शुरू करती है और सकारात्मक बदलाव लाती है।
उन्होंने कहा कि मेलबर्न के भारतीय फिल्म महोत्सव में यह सम्मान मिलना इसे और भी खास बनाता है क्योंकि यह महोत्सव लगातार वैश्विक मंच पर भारतीय सिनेमा को बढ़ावा देता रहा है३ मैं ऑस्ट्रेलिया और आईएफएफएम से मिले इस खास सम्मान को अपनी मातृभूमि भारत और दुनिया भर के उन सभी लोगों को समर्पित करती हूं जिनके प्यार ने मुझे एक अभिनेत्री बनने की प्रेरणा दी और मेरे जीवन को सार्थक बनाया।
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