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    Home»देश»जिलाधिकारी जी निकालें बूढ़ा बाबू मेला का हल
    देश

    जिलाधिकारी जी निकालें बूढ़ा बाबू मेला का हल

    websitemarketing2019@gmail.comBy websitemarketing2019@gmail.comJuly 16, 2026No Comments10 Views
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    मेला कहीं भी लगता हो उससे परंपरा व संस्कृति तथा क्षेत्रीय लोगों की भावनाएं जुड़ी होती है। इसे ध्यान रख १९५२ से बूढ़ा बाबू के नाम से चली आ रही विरासत को मजबूत करने के लिए प्रशासन सरधना में जगह उपलब्ध कराए क्योंकि यह कहना कि जमीन चिन्हित नहीं हो पा रही है इसलिए मेला लगना संभव नहीं है। बताते चलें कि मेला बूढ़ा बाबू को लेकर एसडीएम उचित नारायण सेंगर मेले की अनुूमति नहीं दे रहे हैँ जबकि नगर पालिका चेयरमैन सबीला बेगम द्वारा दूसरे स्थान के रुप में मंडी परिषद का प्रस्ताव दिया गया। प्रशासन का मानना है कि कांवड़ मेला संपन्न कराने के लिए मेले का आयोजन संभव नहीं है। गंगा जमुनी तहजीब सदभाव को बढावा देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हमेशा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए सहमत रहे हैं। मेरा मानना है कि सुलझे विचारों के और प्रशासनिक कार्यों में दक्ष मेरठ के डीएम डॉ वीके सिंह को मेले के लिए कोई ना कोई समाधान अफसरों व नागरिकों से मिलकर निकालना चाहिए क्योंकि इस प्रकार से परंपराएं खत्म होती रही तो वो सही नहीं है क्योंकि जबसे नौचंदी प्रांतीय मेला हुआ उसकी स्थिति बताने की जरुरत नहीं है लेकिन फिर भी लगाया जा रहा है। चाहे देर सवेर ही क्यों ना लग रहा हो।
    (प्रस्तुतिः- रवि कुमार बिश्नोई संपादक दैनिक केसर खुशबू टाइम्स मेरठ)

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