मुजफ्फरनगर, 16 जुलाई (ता)। राज्य वस्तु एवं सेवाकर (एसजीएसटी) की सचल दल इकाई की टीम ने मेरठ की बोगस फर्म लक्ष्मी एंटरप्राइजेज का बड़ा खेल पकड़ा है। यह फर्म डेढ़ साल में 44 करोड़ रुपये के बोगस बिल जारी कर चुकी है। हरियाणा की फर्म को आपूर्ति के लिए पारे (लेड) की इंगट (सिल्ली) को बेगराजपुर की फर्म से लिया जाता था। सभी ट्रकों पर इस फर्म के बिल लगते थे। मामले में हरियाणा, यूपी के वस्तु एवं सेवा कर खुफिया महानिदेशालय (डीजीजीआइ) को पत्र लिखकर गहनता से जांच का आग्रह किया है।
एसजीएसटी के सचल दल इकाई के सहायक आयुक्त नितिन कुमार वाजपेयी ने कहा कि बेगराजपुर की एशियन फर्म से 20 लाख रुपये की पारे से बनी इंगट लेकर 28 जून की रात ट्रक चला था। इस पर ई- वेबिल हरियाणा की ग्रीन नामक फर्म के आपूर्ति का लगा था, जो मेरठ के दौराला क्षेत्र में पंजीकृत लक्ष्मी एंटरप्राइजेज ने जारी किया। ई-वे बिल समेत माल के आवागमन की जांच की गई। बुढ़ाना क्षेत्र के गांव शाहडब्बर मार्ग पर ट्रक को जब्त किया गया, लेकिन चालक टीम को धक्का देकर फरार हो गया। इसके बाद मेरठ की एसजीएसटी से भी लक्ष्मी एंटरप्राइजेज की जांच कराई गई, लेकिन यह फर्म धरातल पर अस्तित्व में नहीं मिली। 18 दिन तक सचल दल ने छानबीन की। इसमें साफ हुआ कि बोगस फर्म लक्ष्मी एंटरप्राइजेज केवल माल आपूर्ति के बिल जारी कर रही थी, जिससे इंगट एवं कच्चे माल का आवागमन हरियाणा के करनाल तक हो रहा था। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 192 बोगस बिल जारी किए गए, जिनके सापेक्ष लगभग 40 करोड़ रुपये का माल आपूर्ति होना प्रतीत हुआ है। वहीं, मौजूदा वर्ष में 22 बिल मिले हैं। प्रत्येक बिल लगभग 20 से 22 लाख रुपये की इंगट आपूर्ति की गई है। इसके चलते लगभग चार करोड़ रुपये से अधिक का माल आपूर्ति किया जा सकता है। फरार चालक के विरुद्ध बुढ़ाना थाने में तहरीर दी गई है।
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