रामपुर, 16 जुलाई (ता)। रामपुर में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद मोहम्मद आजम खान को तत्कालीन डीएम को ‘तनखैया’ कहने के मामले में निचली अदालत से मिली दो साल की सजा के खिलाफ दायर अपील पर सुनवाई अंतिम चरण में पहुंच गई है। सेशन कोर्ट में अभियोजन पक्ष की बहस पूरी हो चुकी है। अब 18 जुलाई को अदालत अपना फैसला सुना सकती है।
रामपुर में पूर्व सांसद और सपा के वरिष्ठ नेता मोहम्मद आजम खान की अपील पर सुनवाई निर्णायक दौर में पहुंच गई है। तत्कालीन डीएम को ‘तनखैया’ कहने के मामले में निचली अदालत से मिली दो साल की सजा के खिलाफ दायर अपील पर सेशन कोर्ट में अभियोजन पक्ष ने बुधवार को अपनी बहस पूरी कर दी।
यह मामला 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान का है। उस समय सपा और बहुजन समाज पार्टी गठबंधन में चुनाव लड़ रहे थे और रामपुर लोकसभा सीट सपा के हिस्से में आई थी। चुनाव प्रचार के दौरान आजम खान के कई विवादित बयान सामने आए थे, जिसके बाद उनके खिलाफ जिले के विभिन्न थानों में आदर्श आचार संहिता उल्लंघन के कई मुकदमे दर्ज किए गए थे। चुनाव आयोग ने उनके चुनाव प्रचार पर भी रोक लगा दी थी।
इन्हीं मामलों में से एक मुकदमा थाना भोट में तत्कालीन एसडीएम घनश्याम त्रिपाठी की ओर से दर्ज कराया गया था। इस मामले की सुनवाई एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (मजिस्ट्रेट ट्रायल) में हुई, जहां 16 मई को अदालत ने आजम खान को दोषी ठहराते हुए दो वर्ष के कारावास और पांच हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई थी।
निचली अदालत के फैसले के खिलाफ आजम खान ने एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (सेशन ट्रायल) में अपील दायर की, जिस पर लगातार सुनवाई चल रही है। गत दिवस अभियोजन पक्ष की बहस पूरी होने के बाद मामला अंतिम चरण में पहुंच गया है। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता (एडीजीसी) सीमा राणा ने कहा कि बचाव पक्ष को 18 जुलाई तक अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया है। इसके बाद अदालत अपील पर अपना निर्णय सुनाएगी। अब सभी की निगाहें 18 जुलाई पर टिकी हैं, जब सेशन कोर्ट यह तय करेगा कि निचली अदालत द्वारा सुनाई गई दो वर्ष की सजा बरकरार रहेगी या आजम खान को किसी प्रकार की राहत मिलेगी।
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