मेरठ 13 मई (प्र)। जिले के विकास को नई रफ्तार देने के लिए शासन ने समय सीमा तय कर दी है। पांच करोड़ से 20 करोड़ रुपये तक की सड़क व पुल परियोजनाएं 9 माह में और 20-100 करोड़ रुपये तक की परियोजनाएं 15 माह में पूरी करनी होंगी। विभिन्न विधानसभाओं में सड़कों के चौड़ीकरण, सुदृढ़ीकरण और नए निर्माण कार्यों के लिए 267.47 करोड़ रुपये मिलेंगे। इस बजट से न सिर्फ शहरी इलाकों की सड़कों का कायाकल्प होगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों और धार्मिक स्थलों को जोड़ने वाले मार्ग भी बेहतर होंगे।
प्रदेश में पीडब्ल्यूडी ने जिन 837 परियोजनाओं के लिए टाइमलाइन तय की है, उनमें 16 मेरठ जिले की हैं। सलावा में बन रही मेजर ध्यान चन्द स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी तक पहुंचने के लिए खिलाड़ियों को अब उबड़-खाबड़ रास्तों से निजात मिलेगी। शासन ने इसके पहुंच मार्ग, अंडर पास और रिटेनिंग वॉल के लिए 20.43 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। वहीं, बिजनौर रोड पर राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (मेडिकल कॉलेज) में निर्माणाधीन नर्सिंग कॉलेज और क्रिटिकल केयर ब्लॉक तक चार लेन पहुंच मार्ग बनाने के लिए 12.42 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
प्रमुख कार्य, स्वीकृत बजट (लाख में)
मेरठ-पौड़ी मार्ग और बहसूमा-चांदपुर मार्ग का सुदृढ़ीकरण, 45.01 करोड़
मेरठ-मवाना-पौड़ी मार्ग और दिल्ली-नीतिपास मार्ग का कायाकल्प, 50.84 करोड़
दौराला-मसूरी और लावड़-जलालपुर मार्ग का चौड़ीकरण, 53.38 करोड़
भलसोना नहर पुल से सरधना और अन्य संपर्क मार्ग, 23.11 करोड़
गढ़-मेरठ मार्ग और खरखौदा-मोहिउद्दीनपुर मार्ग, 40.70 करोड़
बहरामपुर से पुरामहादेव मार्ग का चौड़ीकरण, 7.19 करोड़
ऐतिहासिक पुरामहादेव मंदिर और अन्य धार्मिक स्थलों को जोड़ने वाले मार्गों को धर्मार्थ कार्य योजना के तहत प्राथमिकता दी गई है। हस्तिनापुर और मेरठ शहर विधानसभा में इन विशेष मार्गों के सुदृढ़ीकरण पर लगभग 14.30 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिससे श्रद्धालुओं का सफर आरामदायक हो सके।
शासन की नई योजना और राज्य राजमार्ग योजना के तहत मेरठ-बड़ौत मार्ग के लखवाया आबादी भाग को 4 लेन किया जाएगा। इसके अलावा मेरठ-करनाल मार्ग, लावड़ और मसूरी जैसे महत्वपूर्ण कस्बों को जोड़ने वाली मुख्य सड़कों पर भी काम जल्द शुरू होने की उम्मीद है।

