मुंबई, 06 जून (ता)। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने गत दिवस कहा कि पॉलीमर के करेंसी नोट चलाने के प्रस्ताव पर चर्चा जरुर हुई है, लेकिन यह मामला अभी प्रारंभिक स्तर पर है। मल्होत्रा आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति की द्वैमासिक बैठक के निष्कर्ष की जानकारी देने के लिए बैंक के मुख्यालय पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन मैं पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे।
उन्होंने प्लास्टिक के नोट के प्रस्ताव से संबंधित एक सवाल पर कहा कि कुछ चर्चा जरूर हुई है, लेकिन यह अभी बिल्कुल प्राथमिक स्तर पर है। उन्होंने कहा कि पॉलीमर शीट की करेंसी की खूबियां और खामियों पर विचार किया गया है लेकिन यह अभी बिल्कुल प्रारंभिक स्तर का है। पॉलिमर नोट विशेष प्रकार के प्लास्टिक से बने होते हैं। इनमें भारत इस समय चल रहे नोटों जैसे कपास-लुगदी वाले कागज का इस्तेमाल नहीं किया जाता है।
उनके पक्ष में कहा जाता है कि यह नोट कागज के नोट से ज़्यादा मजबूत होते हैं और लंबे समय तक खराब नहीं होते। इसे नोट की लागत भी कम पड़ती है। कनाडा, ब्रिटेन और सिंगापुर जैसे कई देशों में पॉलीमर नोट का इस्तेमाल हो रहा है।
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