गाजीपुर 24 मार्च। बिहार से सटे उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है. यहां रेलवे ट्रैक पर चल रहे तीन मजदूरों की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई. यह हादसा पूर्व मध्य रेलवे के गहमर रेलवे स्टेशन से आगे बारा हाल्ट के पास डाउन लाइन पर रविवार शाम हुआ.
जानकारी के मुताबिक, तीनों मजदूर बिहार के रहने वाले थे और चौसा स्थित एनटीपीसी थर्मल पावर प्लांट में एल एंड टी कंपनी के तहत मजदूरी का काम करते थे. घटना के समय तीनों रेलवे ट्रैक पर एक-दूसरे के कंधे पर हाथ रखकर चल रहे थे. बताया जा रहा है कि वे सामने से आ रही ट्रेन में बैठे यात्रियों की ओर हाथ हिला रहे थे और पीछे से आ रही ट्रेन के हॉर्न को नजरअंदाज कर रहे थे.
इसी दौरान ट्रेन संख्या 19321 इंदौर-पटना एक्सप्रेस डाउन लाइन पर तेज गति से आ रही थी. ट्रेन चालक ने कई बार हॉर्न बजाकर उन्हें चेतावनी देने की कोशिश की, वहीं सामने से आ रही दूसरी ट्रेन के चालक ने भी सतर्क करने का प्रयास किया, लेकिन तीनों मजदूर ट्रैक से नहीं हटे. तेज रफ्तार के कारण ट्रेन को समय रहते रोक पाना संभव नहीं हो सका और तीनों उसकी चपेट में आ गए. हादसा इतना भयावह था कि तीनों के शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गए.
घटना की सूचना मिलते ही गहमर स्टेशन मास्टर ने पुलिस को जानकारी दी. मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पहचान की प्रक्रिया शुरू की. शुरुआत में शवों की हालत इतनी खराब थी कि उनकी पहचान करना मुश्किल हो रहा था, लेकिन बाद में आधार कार्ड और परिजनों की मदद से तीनों की शिनाख्त कर ली गई.
मृतकों की पहचान जयनाथ सहनी (33), पप्पू कुमार (33) और गुलचंद कुमार (38) के रूप में हुई है. तीनों बिहार के मुजफ्फरपुर और वैशाली जिलों के निवासी थे और पिछले करीब एक साल से चौसा में मजदूरी कर रहे थे.
स्थानीय लोगों के अनुसार, हादसे से पहले तीनों भतौरा गांव की एक शराब की दुकान से लौट रहे थे और आशंका जताई जा रही है कि वे नशे की हालत में थे. हालांकि पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है.
तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए गाजीपुर जिला अस्पताल भेज दिया गया है और मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है

