अजमेर, 20 जनवरी। महाराणा प्रताप सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजवर्धन सिंह परमार की ओर से सूफी संत ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह में शिव मंदिर होने का दावा किया गया है। सुप्रीम कोर्ट के वकील एपी सिंह के जरिए सिविल कोर्ट में दायर याचिका को सोमवार को सुनवाई करते हुए स्वीकार कर लिया गया। परमार और एपी सिंह ने बताया कि न्यायालय ने राजस्थान सरकार के आर्कियोलाजी डिपार्टमेंट, केंद्र के मानव संसाधन विकास मंत्रालय और पर्यटन मंत्रालय को नोटिस जारी करते हुए अगली सुनवाई 21 फरवरी को रखी है। याचिका में दरगाह के अंदर शिव मंदिर होने के दावे से संबंधित राजस्व दस्तावेज पेश किए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि अयोध्या, काशी, संभल, सोमनाथ की तरह ही आक्रांताओं ने पृथ्वीराज चौहान की नगरी अजमेर में स्थित महादेव मंदिर को नष्ट कर यहां दरगाह बना
दी गई।
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