नई दिल्ली 03 जून। देशभर में बैंक खातों की केवाईसी अपडेट कराने में लाखों ग्राहकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई बैंक लंबे समय से निष्क्रिय या कम इस्तेमाल होने वाले खातों को संवेदनशील श्रेणी में डालकर उनके संचालन पर रोक या पाबंदी लगा रहे हैं। इस कारण ग्राहकों को खाता दोबारा सक्रिय कराने और केवाईसी अपडेट कराने के लिए बार-बार बैंक शाखाओं के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
आरबीआई ने केवाईसी प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए ऑनलाइन और डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं। इसके बावजूद कई बैंक ग्राहक से आधार कार्ड की कॉपी, पासपोर्ट साइज फोटो और अन्य दस्तावेज फिर से जमा कराने की मांग कर रहे हैं।
कई मामलों में ऑनलाइन केवाईसी की सुविधा होने के बावजूद ग्राहकों को शाखा में बुलाया जा रहा है।
बैंकों के पास केवाईसी अपडेट को लेकर बड़ी संख्या में शिकायतें मिली हैं। सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर अरिजीत शर्मा इंडियन ओवरसीज बैंक को टैग करते हुए लिखते हैं कि मैं केवाईसी अपडेट कराने के लिए शाखा गया तो उन्होंने कहा कि मेरा आधार कार्ड किसी दूसरे व्यक्ति के खाते से लिंक है। यह कैसे हो सकता है, यह साफ तौर पर बैंक अधिकारियों द्वारा की गई गलती है। इसी तरह से दिग्विजय शर्मा लिखते हैं कि मेरी मां की उम्र 75 वर्ष से अधिक है। उनका खाता अस्थाई रूप से फ्रीज कर दिया हैं और बैंक वाले भीषण गर्मी में ब्रांच आने के लिए बोल रहे हैं।
केवाईसी के लिए जरूरी नियम
● यदि ग्राहक की केवाईसी जानकारी में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है, तो वह केवल ‘नो चेंज’ की स्व-घोषणा देकर केवाईसी अपडेट करा सकता है।
● ऐसे मामलों में दोबारा दस्तावेज जमा कराने की आवश्यकता नहीं होती।
● यदि किसी ग्राहक का सिर्फ पता बदला है, तो ग्राहक स्व-घोषणा और आवश्यक प्रमाण के साथ केवाईसी अपडेट करा सकता है।
● बैंकों को ग्राहकों को केवाईसी की नियत तिथि से पहले कम से कम तीन बार सूचना देनी होगी। इनमें कम से कम एक सूचना पत्र के माध्यम से भेजना आवश्यक है।
● बैंक को ग्राहक को आसानी से केवाईसी अपडेट कराने के लिए ऑनलाइन एवं डिजिटल सुविधा भी देनी होगी।

