मेरठ 03 जून (प्र)। एनसीआर की सड़कों से पुराने और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को हटाने के लिए अब परिवहन विभाग सख्त कदम उठाने जा रहा है विभाग जल्द ही बीएस-1, बीएस-2 और बीएस-3 श्रेणी के वाहनों के खिलाफ बड़ा चेकिंग अभियान शुरू करेगा। अभियान का उद्देश्य प्रदूषण नियंत्रण को मजबूत करना और सड़क सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाना है।
एनसीआर क्षेत्र में लगभग 30 लाख वाहन ऐसे हैं जो पुराने बीएस मानकों के तहत आते हैं। इन्हीं वाहनों को चरणबद्ध तरीके से सड़कों से हटाने की तैयारी की जा रही है परिवहन विभाग का साफ कहना है कि अब ऐसे वाहनों को किसी भी स्थिति में चलने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर हरिशंकर सिंह ने बताया कि बीएस 1, बीएस-2 और बीएस-3 वाहनों के खिलाफ जल्द विशेष अभियान शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि चेकिंग के दौरान जहां भी ऐसे वाहन पाए जाएंगे, उन्हें मौके पर ही जब्त कर स्क्रैप नीति के जरिए नष्ट किया जाएगा। डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर के अनुसार, यह कदम एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण स्तर को नियंत्रित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुराने इंजन वाले वाहनों से निकलने वाला धुआं पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा बन चुका है, जिसे देखते हुए अब सख्त कार्रवाई अनिवार्य हो गई है।
डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर ने संकेत दिए हैं कि अभियान के दौरान सघन चेकिंग अभियान चलाया जाएगा और किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। विशेष टीमों को भी तैनात किया जाएगा, जो सड़कों, चौराहों और हाईवे पर ऐसे वाहनों की पहचान करेंगी। उनका मानना है कि इस कार्रवाई से न केवल प्रदूषण में कमी आएगी, बल्कि आधुनिक और सुरक्षित वाहनों को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही आम जनता को स्वच्छ और सुरक्षित परिवहन व्यवस्था का लाभ मिल सकेगा।
अभियान से पहले अधिकारियों की बैठक बुलाई जाएगी
डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि यह अभियान जल्द ही पूरे एनसीआर क्षेत्र में प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में विभागीय अधिकारियों की बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें अभियान को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश तय किए जाएंगे। बैठक के बाद सभी जिलों में चेकिंग व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। टीमों को स्पष्ट जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी, ताकि पुराने बीएस-1, 2 और 3 वाहनों पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

