मेरठ 27 मई (प्र)। शाही ईदगाह समेत शहर की दीगर मस्जिदों में ईद-उल-अजहा की नमाज पढ़ाई जायेगी। गर्मी देखते हुए ज्यादातर मस्जिदों में सुबह 7 बजे नमाज का वक्त मुकर्रर किया गया है। उधर मस्जिद आलमगीर के पेश-ए-इमाम मौलाना मुफ्ती जमील कैलवी ने ईद-उल-अजहा की नमाज का लोगों को तरीका बताया है।
मौलाना मुफ्ती जमील कैलवी ने बताया कि बकरीद में भी दो रकआत वाजिब नमाज में छह जायद तकबीरें होती हैं। पहले जब हम नमाज के लिए नियत करके इमाम के पीछे खड़े हों तो इमाम साहब के साथ अल्लाहो अकबर कहने पर हाथ बांध लें। इसके बाद इमाम साहब जब तकबीर पढ़ें तो कानों की लौ तक उठाकर हाथ छोड़ दें। दूसरी बार भी हाथ कानों तक उठाकर छोड़ दें। तीसरी बार इमाम के तकबीर कहने पर हाथ बांध लें। अब इमाम साहब पहली रकात पूरी करके रूकू और सजदा करेंगे तो आप भी उनके साथ रूकू और सजदा करें। इस तरह आपकी पहली रकात के साथ तीन तकवीरें हो गयीं। अब जब आप दूसरी रकात में खड़े हों तो इमाम साहब पहले सूरतें पढ़ेंगे। इसके बाद जब इमाम साहब तकबीर कहें तो कानों तक हाथ उठाकर छोड़ दें इमाम साहब के दूसरी बार तकबीर कहने पर भी कानों तक हाथ उठाकर छोड़ दें। तीसरी बार भी तकबीर पर कानों तक हाथ उठाकर छोड़ दें। फिर इमाम साहब चौथी बार तकबीर कहें तो बिना कानों तक हाथ उठाये आप सीधे रूकू में चले जायें। इसके बाद इमाम साहब के साथ रूकू और सजदा करें। फिर इमाम साहब के साथ नमाज से सलाम भी फेर लें। इस तरह आपकी पूरी नमाज मुकम्मल हो जायेगी।
मुफ्ती जमील कैलवी ने बताया कि 9 जिल हिज्जा बुधवार में फजर की नमाज से लेकर तकबीरें तशरीक पढ़नी चाहिए। यह हर नमाज फर्ज नमाज के बाद पढ़ी जायेगी। यह तकबीरें तशरीक इतवार को असर की नमाज तक मुसलसल पढ़ी जायेगी। तकबीरे तशरीक यह है- अल्लाहू अकबर अल्लाहू अकबर लाइलाहा इल्ललला वल्लाहू अकबर अल्लाहू अकबर वलिललाहिल हम्द।
शहर की प्रमुख मस्जिदों में बकरीद की नमाज का समय
शाही ईदगाह दिल्ली रोड 7.00
अख्तर मस्जिद 5.50
नूर मस्जिद गोला कुआ 7.15
हौज़ वाली मस्जिद खैरनगर 7.15
मोबीन मस्जिद विकासपुरी 7.15
मदरसे वाली मस्जिद हुमायूँ नगर 6.15
शाहनत्थन मस्जिद 7.15
छप्पर वाली मस्जिद ऊंचा सिद्दीक नगर 7.15
रशीदिया मस्जिद रशीद नगर 7.30
पत्थर वाली मस्जिद खैर नगर 6.00
भय्या जी वाली मस्जिद लालकुर्ती 7.15
फतेह मस्जिद बनिया पाड़ा 6.30

