नई दिल्ली 31 जुलाई। फरवरी 2020 में दिल्ली में दंगे हुए थे. इसमें IB अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या कर दी गई थी. इस मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद अब पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को कड़कड़डूमा कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है. ताहिर के साथ ही अदनान, जावेद, नाज़िम और कासिम को भी उम्रकैद हुई है. इससे पहले कड़कड़डूमा कोर्ट के एडिशनल सेशन जज प्रवीण कुमार ने अंकित शर्मा हत्या मामले में ताहिर हुसैन, अदनान, जावेद, नाजिम और कासिम को दोषी ठहराया था. कोर्ट ने ताहिर को IPC की धाराओं 302, 188, 153, 153A, 147, 149 और 365 के तहत दोषी ठहराया था.
कड़कड़डूमा कोर्ट ने 13 जुलाई को ताहिर, नाजिम, काशिम, अनस और जावेद को दोषी ठहराने के साथ ही 6 को बरी कर दिया गया था. आज कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि अंकित को जानवरों की तरह मारा गया. मारने के बाद भी शव को नाले में फेंका गया. दोषियों के परिवार ने आश्रित होने की बात कहकर सजा कम करने की मांग की थी. हालांकि, कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया.
अभियोजन पक्ष ने ताहिर हुसैन के घर को दंगों का लांच पैड बताया, लेकिन ये इस केस के चार्ज से जुड़ा नहीं है. कोर्ट ने ताहिर हुसैन को उम्रकैद सुनाते हुए अलग-अलग धाराओं में जुर्माना भी लगाया है. कोर्ट का फैसला आने पर दिल्ली की रेखा सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा ने एक्स पर एक पोस्ट किया है. इसमें उन्होंने लिखा, ताहिर हुसैन को उम्रकैद की सजा न्याय की शुरुआत है.
वहीं, बचाव पक्ष ने मृत्युदंड का विरोध करते हुए अदालत से कहा था कि यह मामला रेयरेस्ट ऑफ द रेयर की श्रेणी में नहीं आता। बचाव पक्ष ने दोषियों की सामाजिक और पारिवारिक परिस्थितियों सहित अन्य आधारों का हवाला देते हुए उन्हें मृत्युदंड न देने और कम सजा देने का अनुरोध किया था।
दोनों पक्षों की दलीलें पूरी होने के बाद अदालत ने सजा पर फैसला सुनाने के लिए 31 जुलाई की तारीख तय की थी। अब सभी की निगाहें अदालत के फैसले पर टिकी हैं। अंकित शर्मा का शव 26 फरवरी 2020 को चांदबाग क्षेत्र के एक नाले से बरामद हुआ था।
कोर्ट ने कहा की अंकित को जानवरों की तरह मारा गया और मारने के बाद भी शव को नाले में फेंका गया। समाज को झकझोरने वाला मामला है। दोषियों के परिवार ने आश्रित होने की बात कहकर सजा कम करने की मांग बचाव पक्ष ने की है लेकिन इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता।

