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    Home»चुनाव»राज्यपाल की गैरहाजिरी ने बदली कर्नाटक की राजनीतिक दिशा
    चुनाव

    राज्यपाल की गैरहाजिरी ने बदली कर्नाटक की राजनीतिक दिशा

    websitemarketing2019@gmail.comBy websitemarketing2019@gmail.comMay 28, 2026No Comments3 Views
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    बेंगलुरु, 28 मई (ता)। कर्नाटक में चल रही तीव्र राजनीतिक गतिविधियों के बीच राज्यपाल थावरचंद गहलोत की बेंगलुरु में अनुपस्थिति के कारण आज गुरुवार को प्रदेश में राजनीतिक घटनाक्रम अटकलों से भरा रहा। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार राज्यपाल गत देर रात पारिवारिक आपात स्थिति के कारण इंदौर के लिए रवाना हो गए थे और उनके लौटने का कोई निश्चित कार्यक्रम नहीं है। उनकी अनुपस्थिति ऐसे समय में हुई है जब लोकभवन में महत्वपूर्ण प्रशासनिक और संवैधानिक बैठकें होने की उम्मीद थी।
    सूत्रों ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री सिद्दारमैया के कार्यालय ने राज्यपाल के प्रस्थान से पहले उनसे मिलने का समय मांगा था, लेकिन उनकी अनुपलब्धता के कारण बैठक नहीं हो सकी। राज्यपाल संवैधानिक प्राधिकारी होने के नाते राज्य सरकार से जुड़े महत्वपूर्ण संचार और निर्णयों पर कार्रवाई के लिए जिम्मेदार होते हैं। ऐसे में उनकी अस्थायी अनुपस्थिति ने बेंगलुरु में जारी प्रशासनिक और राजनीतिक गतिविधियों के बीच प्रक्रियागत अनिश्चितता की स्थिति पैदा कर दी है। इस बीच सत्तारूढ़ कांग्रेस नेतृत्व के भीतर चल रही अंदरूनी चर्चाओं पर राजनीतिक हलकों की नजर बनी हुई है, जहां उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार हाल के दिनों में महत्वपूर्ण संगठनात्मक विचार-विमर्श में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि नियमित शासन व्यवस्था बिना किसी बाधा के चल रही है, हालांकि राज्यपाल की उपस्थिति आवश्यक कुछ संवैधानिक और औपचारिक समारोहों में उनके लौटने तक देरी हो सकती है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राजनीतिक हलकों में अटकलें जारी रहने के बावजूद, तात्कालिक ध्यान प्रशासनिक निरंतरता और राज्यपाल की वापसी के समय पर केंद्रित हो गया है, जिस पर आधिकारिक और राजनीतिक दोनों ही गलियारों में बारीकी से नजर रखी जा रही है। राज्यपाल के कार्यक्रम और बेंगलुरु में उनके बाद के प्रशासनिक कार्यों के बारे में स्पष्टता आने पर आगे की जानकारी मिलने की उम्मीद है।

    bengaluru Desh Political tazza khabar tazza khabar in hindi The Governor's absence altered the political trajectory of Karnataka.
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