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    Home»देश»शीर्ष कोर्ट ने पूछा- एक ही रूट, दो एयरलाइन का किराया अलग-अलग क्यों
    देश

    शीर्ष कोर्ट ने पूछा- एक ही रूट, दो एयरलाइन का किराया अलग-अलग क्यों

    adminBy adminMay 16, 2026No Comments2 Views
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    नई दिल्ली 16 मई। सुप्रीम कोर्ट ने हवाई किरायों में भारी अंतर और मनमानी बढ़ोतरी पर चिंता जताते हुए कहा कि एक ही जगह के लिए दो एयरलाइंस में एक ही श्रेणी का अलग-अलग किराया क्यों। शीर्ष अदालत ने कहा कि हवाई किराये में पारदर्शिता व तार्किक संतुलन बहुत जरूरी है। केंद्र सरकार को यात्रियों को राहत देने के उपाय करने चाहिए। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने कहा कि एक एयरलाइन इकोनॉमी क्लास का किराया 8,000 रुपये लेती है, जबकि दूसरी 18,000 रुपये वसूलती है।

    जस्टिस मेहता ने कहा, हवाई किरायों में कुछ तार्किक व्यवस्था होनी चाहिए। पीठ ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से कहा, लोगों को कुछ राहत देने की कोशिश कीजिए। नियम पहले से मौजूद पर पालन नहीं हो रहा… याचिकाकर्ता के वकील रवींद्र श्रीवास्तव ने कहा कि एयरक्राफ्ट एक्ट, 1937 के तहत पहले से नियम मौजूद हैं, लेकिन उनका पालन नहीं हो रहा। उन्होंने दलील दी कि डीजीसीए के पास अत्यधिक या शोषणकारी किरायों पर कार्रवाई करने का अधिकार है, लेकिन वह इसका इस्तेमाल नहीं कर रहा। इस पर सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि पुराने नियम लागू हैं, लेकिन जनवरी 2025 से प्रभावी भारतीय वायुयान अधिनियम, 2024 के तहत नए नियम तैयार किए जा रहे हैं। अगली सुनवाई 13 जुलाई को होगी।

    समस्या से इन्कार नहीं किया जा रहा विचार केंद्र
    सॉलिसिटर जनरल ने कोर्ट को बताया कि 2024 का नया कानून लागू हो चुका है और उससे जुड़े नियमों पर परामर्श प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि सरकार इस समस्या से इन्कार नहीं कर रही और सभी पहलुओं पर विचार किया जा रहा है। पीठ सामाजिक कार्यकर्ता एस लक्ष्मीनारायणन की याचिका पर सुनवाई कर रही थी।

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