मेरठ 26 मई (प्र)। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में कापियों के मूल्यांकन में हो रही गड़बड़ी और मार्कशीट – डिग्री मिलने में आ रही दिक्कतों के विरोध में सोमवार को छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा । गुस्साए छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शन किया और परीक्षा नियंत्रक का घेराव किया। छात्रों ने विश्वविद्यालय- प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए एक सप्ताह का अल्टीमेटम देते हुए कामकाज ठप करने की चेतावनी दी।
दोपहर को छात्र विश्वविद्यालय पहुंचे और परीक्षा नियंत्रक अजय कृष्ण यादव को विवि की कमियां गिनाते हुए घेराव कर लिया। छात्रों ने कापियों के मूल्यांकन में भारी लापरवाही बरती जा रही है, जिसका खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने सबूत दिखाते हुए कहा कि एक छात्र की कापी के पहले पन्ने पर तो बेहद कम नंबर चढ़ाए गए हैं, लेकिन जब कापी के अंदर के पन्नों के अंदर अंकों को जोड़कर देखा जाता है तो नंबर कहीं ज्यादा निकलते हैं। लापरवाही की हद यह है कि इंटरनेट पर जो रिजल्ट जारी हुआ है, उसमें कुछ और नंबर दिख रहे हैं और विश्वविद्यालय के रिकार्ड चार्ट में छात्र के आगे जीरो नंबर चढ़ा रखा है। इस अव्यवस्था के कारण सैकड़ों छात्र परेशान हैं।
छात्र संघ के पूर्व महामंत्री अंकित अधाना ने पीड़ित छात्रों की परेशानी रखते हुए बताया कि बुलंदशहर का रहने वाला छात्र साहिब पिछले कई महीनों से अपनी मार्कशीट ठीक कराने के लिए विवि के चक्कर काट-काटकर परेशान है। इस लेट लतीफी के चक्कर में उनकी नौकरी भी हाथ से चली गई, लेकिन संबंधित अधिकारियों का दिल नहीं पसीजा। ऐसा ही एक और मामला छात्रा ज्योति का भी है, जिनके रिजल्ट में केवल 23 नंबर दिए गए हैं, जबकि उसकी उत्तर पुस्तिका के अंदर साफ-साफ 35 नंबर लिखे हुए हैं। छात्र नेता शान मुहम्मद ने कहा कि विश्वविद्यालय – प्रशासन ने ईद वाले दिन भी परीक्षा रख दी है, जिससे छात्रों को बड़ी असुविधा होगी, इसलिए ईद के दिन होने वाली परीक्षा को आगे बढ़ाया जाए।
छात्र नेता रोहित बावरा ने विश्वविद्यालय कैंपस के एलएलबी के छात्रों को बड़ी संख्या में फेल करने का मुद्दा उठाया। छात्रों ने इन सभी पीड़ित एलएलबी छात्रों की कापियों का दोबारा से पुनर्मूल्यांकन कराने की पुरजोर मांग की नाराज छात्रों की परीक्षा नियंत्रक के साथ तीखी बहस और जमकर नोकझोंक हुई। छात्रों ने आरोप लगाया कि जानबूझकर छात्रों को फेल किया जा रहा है, ताकि बाद में छात्र मजबूरी में स्क्रूटनी का फार्म भरें। छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन को इन सभी गलतियों को सुधारने और मांगों को पूरा करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है। प्रदर्शन में अंकित अधाना, शान मुहम्मद, रोहित बावरा व अजय चौधरी समेत दर्जनों छात्र- छात्राएं मौजूद रहे।

