नई दिल्ली, 18 जून (ता)। ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस के बाद महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की पार्टी शिवसेना (यूबीटी) में टूट पक्की हो गई है। पार्टी के नौ में से छह सांसदों ने बगावत करते हुए लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर अलग समूह के रूप में मान्यता देने का अनुरोध किया है। दिल्ली में जमे बागी सांसदों की आज बृहस्पतिवार को स्पीकर से होने वाली संभावित मुलाकात के बाद शिवसेना यूवीटी में बीते चार साल में दूसरी बार टूट पर आधिकारिक मुहर लग जाएगी। बागी सांसदों ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को अपना नेता मान लिया है।
स्पीकर को पत्र लिखने वाले शिवसेना (यूबीटी) के सांसदों में संजय जाधव, संजय देशमुख, संजय दीना पाटिल, भाऊसाहेब वाकचौरे, ओमप्रकाश राजे निंबालकर और नागेश पाटिल शामिल हैं। दिल्ली में बुधवार को शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत की प्रेस कॉन्फ्रेंस से इन सभी छह सांसदों ने दूरी बना ली। राउत के साथ केवल तीन सांसद अरविंद सावंत, अनिल देसाई और राजाभाऊ वाजे ही मौजूद थे। बाद में राउत और उनके साथ दोनों सांसदों ने स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात कर बागी सांसदों को अलग समूह के रूप में मान्यता नहीं देने की अपील की, पर लोकसभा सचिवालय ने बताया कि स्पीकर नियमानुसार बागी सांसदों से व्यक्तिगत मुलाकात कर उन्हें अलग गुट के रूप में मान्यता देने पर फैसला लेंगे।
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