मेरठ 19 जून (प्र)। सावन माह में शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा को लेकर पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी है। लोक निर्माण विभाग ने जिले के प्रमुख कांवड़ मार्गों का सर्वे कर क्षतिग्रस्त सड़कों का चिन्हांकन करने का कार्य शुरू कर दिया है। इसके बाद मरम्मत और गड्डा मुक्ति कार्य के प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा जाएगा। स्वीकृति मिलने के बाद निर्धारित समय सीमा के भीतर सड़क सुधार कार्य शुरू कराए जाएंगे।
हर वर्ष की तरह इस बार भी जिले से पांच लाख से ज्यादा शिवभक्त हरिद्वार व ऋषिकेश से गंगाजल लेकर अपने गंतव्य तक पहुंचेंगे। श्रद्धालुओं की सुरक्षित और सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए कांवड़ मार्गों को गड्ढा मुक्त बनाने की व्यापक योजना तैयार की जा रही है। सावन माह की शुरुआत 30 जुलाई से होगी, 11 अगस्त को सावन शिवरात्रि के साथ इसका समापन होगा लाखों कांवड़िये गंगाजल लेकर शिव मंदिरों में जलाभिषेक करने के लिए निकलेंगे। हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, मध्यप्रदेश समेत यूपी से लाखों की संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार से गंगाजल लेकर पैदल आते हैं। पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता अजय वर्मा का कहना है कि कांवड़ मार्ग की सभी सड़कों को चिंहित करने का कार्य शुरू कर दिया है। इसमें दो सहायक इंजीनियर व पांच जूनियर इंजीनियरों की ड्यूटी लगाई गई है। इसका नोडल अधिकारी अधीशासी अभियंता सतेंद्र सिंह को बनाया गया है।
गंगनहर पटरी मार्ग
मुख्य अभियंता अजय वर्मा का कहना है कि मेरठ में कांवड़ यात्रा के लिए गंगनहर पटरी मार्ग और दिल्ली-मेरठ राष्ट्रीय राजमार्ग प्रमुख है। हरिद्वार से जल लेकर आने वाले शिवभक्त इन्हीं दो मुख्य रास्तों से होकर मेरठ और उसके आगे के जिलों गाजियाबाद, दिल्ली, बागपत, बुलंदशहर की ओर बढ़ते हैं। गंगनहर पटरी मार्ग मुख्य रूप से पैदल चलने वाले कांवड़ियों का पारंपरिक और सबसे पसंदीदा सुरक्षित मार्ग है। इसका अवलोकन किया जा रहा है।
दिल्ली-मेरठ मार्ग और एक्सप्रेसवे
यह मार्ग मुख्य रूप से डाक कांवड़ियों और सामान्य कांवड़ियों द्वारा बड़े पैमाने पर उपयोग किया जाता है। हरिद्वार की तरफ से आने वाले कांवड़िए सकौती से जनपद में प्रवेश करते हैं। इसके बाद वे दौराला, मोदीपुरम, शोभापुर चौपला और परतापुर बाईपास होते हुए सीधे दिल्ली-गाजियाबाद की ओर निकल जाते हैं। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे कांवड़ यात्रा के मुख्य दिनों में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के मुख्य भाग को भी शिवभक्तों के लिए पूरी तरह खोल दिया जाता है इसलिए इन मार्गों की मरम्मत पर भी ध्यान दिया जाएगा। उनका कहना है कि सिर्फ मुख्य मार्ग ही नहीं, बल्कि हाईवे से गांवों को जोड़ने वाले संपर्क मार्गों को भी गड्ढा मुक्त बनाने की योजना है।
पीडब्ल्यूडी मुख्य अभियंता अजय वर्मा का कहना है कि जहां भी सड़कें क्षतिग्रस्त या गड्ढायुक्त मिल रही हैं, उन्हें चिन्हित कर मरम्मत का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। प्रस्ताव शासन को भेजने के बाद स्वीकृति मिलने पर तत्काल कार्य शुरू कराया जाएगा। विभाग का उद्देश्य कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले सभी प्रमुख मार्गों को बेहतर स्थिति में लाना है, जिससे श्रद्धालुओं को आवागमन के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

