Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • भारतीय योग संस्थान के संस्थापक प्रकाश लाल को दी श्रद्धांजलि
    • प्रदूषण समाप्ति के उपाय हो जाएं तो 2050 तक 17 लाख मौतों को रोका जा सकता है, छह मिनट में मौत और 34 मिनट में अस्थमा का शिकार हो रहे हैं
    • 16 करोड़ की लागत से बना पुल 16 ही दिन में टूट गया आखिर यह हो क्या रहा है
    • वायुसेना ही नहीं किसी भी सरकारी सेवा के अधिकारी या कर्मचारी को समय से पूर्व नौकरी छोड़ने की ?
    • आईटीआई की परीक्षा में नकल कराने वाले गिरोह का भंडाफोड़, एसटीएफ ने प्रधानाचार्य समेत 11 गिरफ्तार
    • हरिद्वार में सलीम वास्तिक के हवन करने पर हंगामा
    • पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में पुलिस चौकी पर आंतकी हमला, 9 सुरक्षाकर्मियों सहित 24 की मौत
    • जिले भर में सुरक्षा के कड़े प्रबंध के बावजूद बिना नंबर की बाइक व दो पिस्टल लेकर पॉश कॉलोनी कैसे पहुंचा आरोपी, सुरक्षा पर उठे सवाल
    Facebook Instagram X (Twitter) YouTube
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Demo
    • न्यूज़
    • लेटेस्ट
    • देश
    • मौसम
    • स्पोर्ट्स
    • सेहत
    • टेक्नोलॉजी
    • एंटरटेनमेंट
    • ऑटो
    • चुनाव
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Home»देश»वायुसेना ही नहीं किसी भी सरकारी सेवा के अधिकारी या कर्मचारी को समय से पूर्व नौकरी छोड़ने की ?
    देश

    वायुसेना ही नहीं किसी भी सरकारी सेवा के अधिकारी या कर्मचारी को समय से पूर्व नौकरी छोड़ने की ?

    adminBy adminJuly 30, 2026No Comments6 Views
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn WhatsApp Reddit Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    वायुसेना कर्मियों के मर्जी से नौकरी छोड़ने के मामले में उच्चतम न्यायालय द्वारा गत बुधवार को एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा गया कि भारतीय वायु सेना के अधिकारियोंध्कर्मियों को अपनी मर्जी से नौकरी छोड़कर सिविल सेवा पर जाने का श्बिना शर्त अधिकार्य नहीं है। शीर्ष अदालत ने अपने फैसले में कहा कि पूर्व मंजूरी लेना कोई मामूली प्रक्रिया नहीं है, जिसे नजरअंदाज किया जा सके। पीठ ने पीठ ने सेना की ऑपरेशन और कामकाज को सुचारू रूप से बनाए रखने के लिए वायु सेना की पहले से मंजूरी लेने की प्रक्रिया का सख्ती से पालन करना जरूरी बताया। वायु सेना के नियमों का हवाला देते हुए पीठ ने कहा कि तय की गई शर्तें सिर्फ प्रक्रिया से जुड़ी नहीं थीं, इसलिए उनका पालन करना अनिवार्य था।
    उच्चतम न्यायालय के इस फैसले में देशहित के कई बिंदु छिपे हैं। क्योंकि सरकारी नौकरियों के लिए युवाओं को तैयार करने हेतु अभिभावकों केसाथ साथ आम आदमी के टैक्स की कमाई से सरकार द्वारा भी बजट खर्च किया जाता है। कई बार पढ़ने को मिलता है कि समय से पूर्व सेवानिवृति ले ली और फिर पेंशन तो मिल ही रही है। एक अवधि के बाद और अवकाश लेने वाले लोग दूसरी जगहों पर जाकर अपनी सेवाएं देकर वहां से भी तनख्वाह लेते हैं। बड़ी बात यह है कि इनके द्वारा किसी पात्र युवा के अधिकारों का हनन किया जाता है क्योंकि जहां उसे तैनात होनाचाहिए वहां इनकी नियुक्ति हो जाती है। पूर्व में कितने ही आईएएस आईपीएस आदि अफसर अवकाश लेकर विदेशों में चले जाते हैं या लेक्चर देने के नाम पर इंस्टीटयूट में नौकरी करते हैँ और जब बवाल मचता है तो सेवानिवृति के लिए आवेदन कर देते हैं। मेरा माननाहै कि अगर अधिकारी या कर्मचारी स्वस्थ है और मेडिकल रिपोर्ट सही है तो उसे फर्जी पत्रावली के आधार पर सेवानिवृति नहीं दी जानी चाहिए। अगर फिर भी कोई प्रयास करता है तो सरकार और युवाओं के हित में उनकी पेंशन समाप्त की जाए और इस पद तक पहुंचने के लिए सरकार का जितना खर्च हुआ वो इनके फंड से काटा जाए। क्योंकि प्राथमिक कक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक सरकार द्वारालाखों करेाड़ों का वेतन कर्मचारियों शिक्षकों को देने पड़ते हैं। सबकुछ उपयोग करने के बाद नौकरी में आने वाला कर्मी अवकाश ले यह सही नहीं है। हर सरकारी व्यवस्था में इस नियम को लागू किया जाए। अगर कोई काम करने में अक्षम है तो उसे सेवा से मुक्ति देने के साथ लाभ भी खत्म किए जाएं। कई बार देखने को मिला कि देश की सीमाओं पर तैनात जवान हर मौसम में डयूटी निभाते हैँ इसीसेवा के कुछ लोग समय से सेवानिवृति प्राप्त कर कोई सरकार से जमीन लेताहै कोईकुछ और। अगर यह सुविधा देनी है तो उनको दी जाए तो पूरे समय देश की सुरक्षा करते हैं।
    (प्रस्तुतिः- रवि कुमार बिश्नोई संपादक दैनिक केसर खुशबू टाइम्स मेरठ)

    sampadkiya tazza khabar tazza khabar in hindi
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram Email
    admin

    Related Posts

    भारतीय योग संस्थान के संस्थापक प्रकाश लाल को दी श्रद्धांजलि

    July 30, 2026

    प्रदूषण समाप्ति के उपाय हो जाएं तो 2050 तक 17 लाख मौतों को रोका जा सकता है, छह मिनट में मौत और 34 मिनट में अस्थमा का शिकार हो रहे हैं

    July 30, 2026

    16 करोड़ की लागत से बना पुल 16 ही दिन में टूट गया आखिर यह हो क्या रहा है

    July 30, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    © 2026 Tazza khabar. All Rights Reserved.
    • Our Staff
    • Advertise

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.