मुजफ्फरनगर, 07 अप्रैल (भा)। मुजफ्फरनगर में प्राइवेट स्कूलों द्वारा महंगी किताबें बेचे जाने के विरोध में अभिभावकों ने प्रदर्शन किया। गत दिवस भारतीय किसान मजदूर (संयुक्त मोर्चा) के बैनर तले अभिभावकों ने बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा। उन्होंने निजी स्कूलों पर किताबों की कीमतों में भारी लूट का आरोप लगाया। ज्ञापन में कहा गया है कि नए शैक्षिक सत्र में बच्चों के अगली कक्षा में प्रवेश के साथ ही अभिभावकों को नई किताबें खरीदनी पड़ती हैं। प्राइवेट स्कूलों ने अपने निर्धारित बुक स्टोर तय कर दिए हैं, जहां से अभिभावकों को किताबें खरीदने के लिए मजबूर किया जाता है।
अभिभावकों का आरोप है कि जिन किताबों की कीमत बाजार में कम है, वही किताबें स्कूलों द्वारा तय दुकानों पर कई गुना महंगे दामों में बेची जा रही हैं। उन्होंने कहा कि 10 रुपये में मिलने वाली किताब को 80 रुपये तक में बेचा जा रहा है, जिससे गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।
अभिभावकों ने कहा कि महंगाई के इस दौर में बच्चों की पढ़ाई कराना पहले ही मुश्किल है, और स्कूलों की यह मनमानी स्थिति को और बिगाड़ रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही इस पर रोक नहीं लगाई गई, तो अभिभावक बच्चों को स्कूल से निकालने तक को मजबूर हो सकते हैं। ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन से मांग की गई है कि इस मामले की जांच कर दोषी स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि शिक्षा व्यवस्था में सुधार हो सके और अभिभावकों को राहत मिल सके।
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