फिरोजाबाद, 15 जून (ता)। फिरोजाबाद के शिकोहाबाद नगर के सुभाष तिराहा के पास संस्कृत पाठशाला के सामने गत रात अपने घर में आदर्श कृष्ण इंटर कॉलेज के पूर्व प्रबंधक और कांग्रेस के पूर्व विधायक स्वर्गीय जगदीश सिंह यादव के पुत्र राकेश यादव (73) ने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से पहले पत्नी राममूर्ति देवी (68) की छाती में गोली मारी और फिर खुद के सिर में गोली मारकर आत्महत्या कर ली। गोली लगने से राकेश यादव की मौके पर मौत हो गई, राममूर्ति देवी ने ट्रामा सेंटर में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। घटना के समय पति-पत्नी दोनों कमरे में अकेले थे।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से सबूत एकत्र किए। पुलिस को मौके से लाइसेंसी रिवाल्वर मिली, जिसकी जांच की जा रही है। राकेश के भांजे गौरव यादव ने कहा कि जमीनी विवाद और उससे जुड़े मुकदमों को लेकर राकेश यादव लंबे समय से मानसिक तनाव में थे। इसी तनाव के चलते उन्होंने यह कदम उठाया।
एसएचओ अनुज कुमार राणा ने कहा कि शुरुआती जांच में मामला तनाव और जमीनी विवाद से जुड़ा लग रहा है। लाइसेंसी रिवाल्वर से गोली मारी गई है। सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है।
वाकये के अनुसार बीती गत रात करीब 9ः30 बजे सुभाष तिराहा स्थित आवास के कमरे से अचानक दो गोलियों की आवाजें सुनाई दीं। घर के दूसरे कमरे में स्थित राकेश की बड़ी बेटी गरिमा और दूसरे कमरे में स्थित बेटी प्रतिमा दौड़कर कमरे की तरफ पहुंचे, तो माता-पिता लथपथ पड़े थे। राकेश यादव के माथे पर बीचों-बीच गोली लगी थी, जिससे उनकी तत्काल मौत हो चुकी थी। वहीं पत्नी राममूर्ति देवी की छाती में दायीं ओर कंधे के थोड़ा नीचे गोली लगी थी और उनकी सांसें चल रही थीं। परिजन उन्हें तुरंत आपातकालीन स्थिति में ट्रामा सेंटर लेकर भागे, लेकिन डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।
आत्मघाती कदम के पीछे वजह कही जा रही है कि राकेश यादव लंबे समय तक आदर्श कृष्ण इंटर कॉलेज के प्रबंधक रहे थे। मई 2025 में उन उनके ही पारिवारिक भतीजे राहुल यादव निवासी डाहिनी ने उन पर विद्यात की कृषि भूमि की आय गायब करने और फर्जी तरीके से प्रबंधक बनने का आरोप लगाते हुए कोर्ट के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज कराई थी। गत दिवस कोर्ट में तारीख कर घर शाम पांच बजे लौटे थे। बड़ी बेटी गरिमा के अनुसार तभी से पिता तनाव में थे। इन आरोपों के बाद से ही वह गहरे मानसिक तनाव और अवसाद से गुजर रहे थे। सामाजिक बदनामी और तनाव के चलते उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठाया है। गरिमा ने बताया कि मां राममूर्ति कैंसर से भी पीड़ित थीं।
राकेश यादव का परिवार क्षेत्र के संभ्रांत और रसूखदार राजनीतिक परिवारों में गिना जाता है। वह खुद भी अपने पैतृक गांव डाहिनी के प्रधान रह चुके थे। उनके पिता जगदीश सिंह यादव कांग्रेस के कद्दावर नेता और पूर्व विधायक थे। एसएसपी आदित्य लांग्हे ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर वारदात में इस्तेमाल की गई लाइसेंसी रिवॉल्वर को अपने कब्जे में ले लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया गया है और मामले के सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है।
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