नई दिल्ली, 11 फरवरी। प्रीमियम इलेक्ट्रिक बाइक्स तेज रफ्तार पर भी शांत और स्थिर महसूस होती हैं। इसकी वजह सिर्फ ताकतवर मोटर नहीं, बल्कि फ्रेम डिजाइन, लो सेंटर ऑफ ग्रैविटी, स्मार्ट टॉर्क सेंसर और बेहतर सस्पेंशन का कॉम्बिनेशन है। प्रीमियम ई-बाइक्स को इस तरह डिजाइन किया जाता है कि वे तेज गति पर भी प्लांटेड यानी सड़क से चिपकी हुई महसूस हों। यह स्थिरता किसी एक फीचर से नहीं, बल्कि कई तकनीकी फैसलों के मेल से आती है।
प्रीमियम ई-बाइक्स में भारी बैटरी और मोटर को फ्रेम के सबसे निचले हिस्से में फिट किया जाता है। इससे बाइक का सेंटर ऑफ ग्रैविटी काफी कम हो जाता है। इससे फायदा ये है कि इससे कम सेंटर ऑफ ग्रैविटी के कारण बाइक मोड़ काटते समय या तेज रफ्तार में डगमगाती नहीं है और सीधी रेखा में बेहतर तरीके से चलती है।
महंगी बाइक्स के फ्रेम को स्लैकर हेड ट्यूब एंग और लंबे व्हीलबेस के साथ डिजाइन किया जाता है। इससे ये सेटअप स्टीयरिंग को बहुत ज्यादा संवेदनशील होने से रोकता है, जिससे तेज गति पर भी बाइक जमीन से चिपकी हुई महसूस होती है।
टॉर्क सेंसर्सरू झटके नहीं, सिर्फ स्मूद पावर
सस्ती बाइक्स की तरह इनमें पावर का अचानक उछाल नहीं आता। प्रीमियम बाइक्स टॉर्क सेंसर्स का उपयोग करती हैं जो आपकी पेडलिंग की ताकत को भांप लेते हैं। साथ ही इसका स्मार्ट असिस्टेंस मोटर उतनी ही पावर देती है जितनी आपको जरूरत है, जिससे हाई-स्पीड पर भी राइडिंग नैचुरल और प्रेडिक्टेबल लगती है। प्रीमियम बाइक्स में इस्तेमाल होने वाले सस्पेंशन और टायर्स विशेष रूप से अधिक भार और गति झेलने के लिए बने होते हैं। इसमें डैम्पिंग कंट्रोल सिस्टम होता है जो सड़कों के गड्ढों और कंपन को सोख लेते हैं, जिससे राइडर को थकान कम होती है और खराब रास्तों पर भी आत्मविश्वास बना रहता है। इन बाइक्स में वजन को बीच में संतुलित किया जाता है, जिससे तेज रफ्तार पर होने वाली अस्थिरता खत्म हो जाती है। इससे कॉर्नरिंग (मोड़ काटना) बहुत आसान और सुरक्षित हो जाती है।
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