कोलकाता 18 मई। कोलकाता स्थित गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) बुधवार (20 मई) को भारतीय नौसेना के लिए तैयार किए गए पहले नेक्स्ट जनरेशन ऑफशोर पेट्रोल वेसल (NGOPV) को लॉन्च करने जा रहा है. यह आधुनिक युद्धपोत देश की समुद्री सुरक्षा क्षमता को और मजबूत करेगा. कार्यक्रम को लेकर जोर शोर से तैयारियां की जा रही हैं.
अधिकारियों के अनुसार, इन जहाजों में बड़ी मात्रा में स्वदेशी उपकरण और तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जिससे आत्मनिर्भर भारत अभियान को मजबूती मिलेगी. GRSE भारतीय नौसेना के लिए ऐसे कुल चार अत्याधुनिक NGOPV युद्धपोत बना रहा है.
इस कार्यक्रम में भारतीय नौसेना के वाइस चीफ ऑफ नेवल स्टाफ, वाइस एडमिरल संजय वत्सयान मुख्य अतिथि होंगे, जबकि उनकी पत्नी सरिता वत्सयान युद्धपोत का शुभारंभ करेंगी.
GRSE इससे पहले भी भारतीय नौसेना और भारतीय तटरक्षक बल के लिए कई ऑफशोर पेट्रोल वेसल तैयार कर चुका है. साल 2014 में मॉरीशस को सौंपा गया युद्धपोत MCGS Barracuda भारत का पहला निर्यात किया गया युद्धपोत था. GRSE उस युद्धपोत के लिए आंतरिक डिजाइन प्रयास हेतु रक्षा मंत्री का उत्कृष्टता पुरस्कार प्राप्त हुआ था.
नए NGOPV पुराने OPV जहाजों की तुलना में बड़े, ज्यादा ताकतवर और लंबी दूरी तक संचालन करने में सक्षम होंगे. इनकी लंबाई करीब 113 मीटर, चौड़ाई 14.6 मीटर और वजन लगभग 3,000 टन होगा. यह युद्धपोत 23 नॉट्स तक की रफ्तार हासिल कर सकेंगे और 14 नॉट्स की गति पर 8,500 नॉटिकल माइल तक सफर कर पाएंगे.
इन जहाजों में 24 अधिकारी और 100 से अधिक नौसैनिक तैनात रहेंगे. NGOPV कई भूमिकाएं निभाएंगे. यह समुद्री निगरानी, तटीय सुरक्षा, एंटी-पायरेसी ऑपरेशन, विशेष अभियान, खोज एवं बचाव मिशन और मानवीय सहायता जैसे कई अहम मिशनों में इस्तेमाल किए जाएंगे.
इसके अलावा ये युद्धपोत समुद्री तस्करी रोकने, घुसपैठ विरोधी अभियान, आपदा राहत कार्य और नॉन-कॉम्बैटेंट इवैक्यूएशन ऑपरेशन में भी अहम भूमिका निभाएंगे. जरूरत पड़ने पर इन्हें अस्पताल और कम्युनिकेशन इंटेलिजेंस (COMINT) प्लेटफॉर्म के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकेगा.

