मेरठ़, 14 मई (प्र)। जिले के किसान अब गन्ने की खेती के साथ मखाना उगाकर अधिक मुनाफा कमाएंगे। कृषि विभाग ने गत दिवस 11 प्रशिक्षित किसानों के साथ संवाद किया। इस दौरान मखाना की खेती के तरीकों पर विस्तार से चर्चा की गई। यह संवाद दिल्ली सड़क स्थित उप कृषि निदेशक कार्यालय में हुआ। उप कृषि निदेशक नीलेश चौरसिया ने किसानों को मखाने की खेती से होने वाले लाभ बताए। उन्होंने खेती की विधि और बाजार की जानकारी भी दी। किसानों को गन्ने के अलावा अन्य फसलें उगाने के लिए प्रेरित किया गया। इससे मिट्टी भी उपजाऊ बनी रहेगी। आने वाली समस्याओं और उनके बचाव के सुझावों पर भी चर्चा हुई। किसानों ने बताया कि उनके पास तालाब के लिए जमीन उपलब्ध है। कहा गया कि मखाने की खेती के लिए कुशल मजदूरों को बिहार से बुलाया जाए, ताकि मेरठ के किसानों को मखाने की खेती करने में आसानी हो सके।
पूर्व सांसद राजेंद्र अग्रवाल और भाजपा जिलाध्यक्ष हरवीर पाल ने कृषि विभाग से अनुरोध किया। उन्होंने मखाने की खेती के प्रारंभ से लेकर मार्केटिंग तक पूर्ण सुविधा देने को कहा। मखाने की खेती उथले तालाबों में फरवरी में की जाती है और जुलाई में फसल कट जाती है। प्रधानमंत्री की प्रेरणा से नाबार्ड की ओर से प्रोजेक्ट बनाकर किसानों को सहायता दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। इस अवसर पर जिला कृषि अधिकारी राजीव कुमार सिंह, किसान हरिराम, कमल चौहान, रामवीर सिंह, विजेंद्र कुमार, विष्णु दत्त त्यागी, अशोक सिरोही, अरविंद कुमार उपस्थित रहे।
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