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    Home»न्यूज़»धूप से चलने वाले चाक से बनेंगे मिट्टी के बर्तन
    न्यूज़

    धूप से चलने वाले चाक से बनेंगे मिट्टी के बर्तन

    adminBy adminMay 15, 2026No Comments4 Views
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    मेरठ, 15 मई (प्र)।परंपरागत मिट्टी कला को नई दिशा देने के लिए 56 साल के गंगाराम चौहान और 66 साल के राममिलन ने चाक को स्मार्ट बना दिया है। आठवीं एवं पांचवीं पास इन दोनों इनोवेटर ने धूप से चलने वाला चाक विकसित किया है। इस चाक की गति नियंत्रित की जा सकेगी। जिस बर्तन के लिए चाक पर जैसी गति चाहिए, कुम्हार उसी हिसाब से इसे चला सकेगा।
    गंगाराम चौहान और राममिलन ने सौर ऊर्जा चालित एवं गति-नियंत्रित यह कुम्हार चाक विकसित किया है। गंगाराम चौहान और राममिलन गोरखपुर के रहने वाले हैं और एमआईईटी मेरठ फाउंडेशन के अटल कम्युनिटी इन्नोवेशन सेंटर से जुड़े हैं। सीमित शिक्षा के बावजूद दोनों आम लोगों के दैनिक जीवन को आसान और सुरक्षित बनाने वाले नवाचार कर रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने धूप से चलने वाला ऐसा चाक विकसित किया है जिसे घुमाने के लिए मानव श्रम की जरुरत नहीं होगी। इस चाक को बनाने में मात्र पांच हजार रुपये खर्च आया। इसमें 24 वाट का सौर पैनल, 24 वाट की डीसी मोटर, धातु फ्रेम, पुली प्रणाली और गति नियंत्रण व्यवस्था उपयोग की गई है। अटल कम्युनिटी इन्नोवेशन सेंटर के सीईओ प्रशांत कुमार गुप्ता के अनुसार तकनीक को पेटेंट के लिए भेजा गया है।

    Earthenware pots will be made using a solar-powered potter's wheel. Meerut tazza khabar tazza khabar in hindi Uttar Pradesh
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