हरिद्वार 28 नवंबर। उत्तराखंड में 2027 में होने वाले अर्धकुंभ की तिथियां तय हो गई हैं। हरिद्वार में होने वाला ये भव्य आयोजन 14 जनवरी से शुरू होगा और 30 अप्रैल को खत्म होगा। 107 दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम में 10 प्रमुख स्नान शामिल हैं। जिसमें पहली बार चार शाही अमृत स्नान भी होंगे, जिसे एक ऐतिहासिक फैसला माना जा रहा है।
कई दिनों से अर्धकुंभ की तिथियों को लेकर असमंजस की स्थिति थी, जिसके बाद आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार डाम कोठी में अखाड़ा प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। इस बैठक में मेला प्रशासन की ओर से 13 अखाड़ों के दो-दो सचिव या नामित प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
तिथियों की घोषणा के बाद संतों ने कहा कि यह मेला कुंभ की ही तरह दिव्य और भव्य रूप में आयोजित होगा, जिससे हरिद्वार में करोड़ों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।
अर्धकुंभ 2027 में कुल 10 प्रमुख स्नान पर्व तय किए गए हैं, जिनमें 4 शाही स्नान शामिल हैं। यह पहली बार है जब किसी अर्धकुंभ में शाही अमृत स्नान होगा। प्रशासन ने बताया कि भीड़ प्रबंधन, गंगा घाटों की क्षमता और मार्गों को देखते हुए सभी स्नान पर्वों के लिए विशेष तैयारियां होंगी। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए नए अस्थायी मार्ग और पार्किंग स्थलों पर भी चर्चा की गई।
कुंभ 2027 की तैयारियों पर हुई चर्चा में 13 अखाड़ों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सभी अखाड़ों ने एकमत होकर व्यवस्था, स्नान तिथियों और आयोजन स्वरूप पर सहमति जताई। संतों ने कहा कि अर्धकुंभ की गरिमा बनाए रखने के लिए सरकार की ओर से उठाए गए कदम सही दिशा में हैं।
बैठक में मेला अवधि को लेकर अंतिम सहमति बनी। कुंभ मेला 1 जनवरी 2027 से प्रारंभ होगा और 30 अप्रैल को समाप्त होगा। प्रशासन ने बताया कि 120 दिनों की इस अवधि में सभी स्नान पर्व, सांस्कृतिक आयोजन और अखाड़ों की पारंपरिक शोभायात्राएं आयोजित होंगी।
प्रमुख पर्व स्नान तिथियां
14 जनवरी 2027 मकर संक्रांति 6 फरवरी 2027: मौनी अमावस्या 11 फरवरी 2027: बसंत पंचमी 20 फरवरी 2027: माघ पूर्णिमा शाही अमृत स्नान की तिथियां 6 मार्च 2027 : महाशिवरात्रि (पहला अमृत स्नान) 8 मार्च 2027: सोमवती/फाल्गुन अमावस्या (दूसरा अमृत स्नान) 14 अप्रैल 2027 : मेष संक्रांति/वैशाखी (तीसरा अमृत स्नान ) 20 अप्रैल 2027: चैत्र पूर्णिमा अन्य महत्वपूर्ण तिथियां 7 अप्रैल: नव संवत्सर 15 अप्रैल: राम नवमी

