Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • सुप्रीम कोर्ट में याचिकाकर्ता ने जज पर कागज फेंके
    • ब्रह्मपुत्र नदी पर चीन के डैम से तबाही की वार्निंग
    • गंगानगर में घटतौली पकड़ी, आठ कारोबारियों के चालान
    • अपने पुराने ट्रक-बस बदलिए, 10 साल तक टैक्स माफ
    • सीसीएसयू ने जारी की 22 जुलाई को प्रस्तावित 38 वें दीक्षांत समारोह की सूची, 181 मेधावियों को ही इस बार मेडल
    • जिला पंचायत अध्यक्ष बने प्रशासक, सरकार ने जारी किया आदेश
    • यूपी: पूरे प्रदेश में हुई झमाझम बारिश, चार डिग्री तक गिरा पारा; मेरठ सहित इन शहरों में हुई सबसे ज्यादा बरसात
    • 2029 के चुनाव को ध्यान में रखते हुए महिला आरक्षण का विरोध करने से पहले कई बार सोचेंगे
    Facebook Instagram X (Twitter) YouTube
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Demo
    • न्यूज़
    • लेटेस्ट
    • देश
    • मौसम
    • स्पोर्ट्स
    • सेहत
    • टेक्नोलॉजी
    • एंटरटेनमेंट
    • ऑटो
    • चुनाव
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Home»देश»जल जीवन मिशन घोटाला मामले में एसीबी ने छापेमारी कर नौ को किया गिरफ्तार
    देश

    जल जीवन मिशन घोटाला मामले में एसीबी ने छापेमारी कर नौ को किया गिरफ्तार

    adminBy adminFebruary 18, 2026No Comments1 Views
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn WhatsApp Reddit Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    जयपुर, 18 फरवरी। राजस्थान में करीब 900 करोड़ रुपये के जल जीवन मिशन घोटाला मामले में राज्य भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए छह वर्तमान व तीन सेवानिवृत अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। एसीबी की टीम ने गत दिवस 15 स्थानों पर छापेमारी की कार्रवाई की, जिनमें राजस्थान, झारखंड और दिल्ली आदि के ठिकाने शामिल हैं।
    एसीबी ने राज्य सरकार के जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के मुख्य अभियंता दिनेश गोयल, जोधपुर के अधिशासी अभियंता विशाल सक्सेना, जयपुर के मुख्य अभियंता के. डी. गुप्ता, जल जीवन मिशन में वित्तीय सलाहकार सुशील शर्मा, मुख्य अभियंता निरिल कुमार, तकनीकी मुख्य अभियंता डी. के. गौड़, सेवानिवृत अधीक्षण अभियंता अरूण श्रीवास्तव, शुभांशु दीक्षित और महेंद्र सोनी को गिरफ्तार किया है।
    एसीबी की टीम ने पिछले माह सेवानिवृत हुए आइएएस सुबोध अग्रवाल सहित सभी आरोपितों के ठिकानों पर छापेमारी की है। अग्रवाल पकड़ से बाहर हैं। बताया जा रहा है कि अधिकारियों ने उनके कार्यकाल के दौरान हुए टेंडर आवंटन की प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेज की जांच की। आरोप है कि अधिकारियों ने फर्जी अनुभव प्रमाण-पत्रों के आधार पर पसंदीदा कंपनियों को करोड़ों रुपये के ठेके आवंटित किए।
    कार्रवाई केवल राजस्थान के जयपुर, उदयपुर, बाड़मेर, जालौर, करौली तक सीमित नहीं रही। दिल्ली और झारखंड में भी उन कंपनियों के ठिकानों पर तलाशी ली गई, जिनके इस मामले से जुड़े होने की आशंका है। अधिकारियों ने बैंक लेनदेन से जुड़े दस्तावेज, डायरी और डिजिटल उपकरण जब्त किए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। इस मामले में पूर्व जलदाय मंत्र महेश जोशी को एसीबी ने अप्रैल, 2025 में गिरफ्तार किया था। जोशी जमानत पर हैं। वहीं, दो ठेकेदार महेश मित्तल एवं पदमचंद जैन जेल में हैं। इस मामले में 139 अधिकारी जांच के दायरे में हैं। एसीबी ने इस मामले में वर्ष 2024 में केस दर्ज किया था।
    जांच में सामने आया था कि मेसर्स श्रीगणपति ट्यूबवेल कंपनी के मालिक महेश मित्तल व मेसर्स श्रीश्याम ट्यूबवेल कंपनी के मालिक पदमचंद जैन ने अधिकारियों के साथ मिलीभगत फर्जी प्रमाण-पत्र तैयार कर 960 करोड़ रूपए के ठेके हासिल किए थे।

    ACB raid Desh jaipur tazza khabar tazza khabar in hindi
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram Email
    admin

    Related Posts

    सुप्रीम कोर्ट में याचिकाकर्ता ने जज पर कागज फेंके

    July 11, 2026

    ब्रह्मपुत्र नदी पर चीन के डैम से तबाही की वार्निंग

    July 11, 2026

    गंगानगर में घटतौली पकड़ी, आठ कारोबारियों के चालान

    July 11, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    © 2026 Tazza khabar. All Rights Reserved.
    • Our Staff
    • Advertise

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.