नागपुर, 22 जनवरी। न्यूजीलैंड के विरुद्ध पहले टी-20 मैच में 35 गेंदों में 84 रनों की विस्फोटक पारी खेलने वाले भारत के सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने कहा कि उन्हें अपने कुछ चुनिंदा शॉट्स पर ही पूरा भरोसा है। मैच के बाद अपनी रणनीति को लेकर अभिषेक ने कहा कि जब आप विपक्षी गेंदबाजो के वीडियो खंगालते हैं या अपनी बल्लेबाजी का विश्लेषण करते हैं, तो आपको अंदाजा हो जाता है कि सामने वाली टीम क्या रणनीति बनाए और मुझे अपने रन कहां बनाने हैं। सच कहूं तो मैं अपने गिने-चुने शॉट्स पर ही यकीन करता हूं क्योंकि मेरे पास वैरायटी बहुत अधिक नहीं है। बस कुछ खास स्ट्रोक्स हैं जिनकी मैं जी-तोड़ अभ्यास करता हूं और मैदान पर उन्हें ही आजमाता हूं।
अभिषेक ने अपनी तकनीक को लेकर कहा कि मैं अधिकतर पावर हिटिंग का प्रयास नहीं करता क्योंकि मुझमें वैसी शारीरिक ताकत नहीं है। मेरी बल्लेबाजी मुख्य रूप से टाइमिंग के भरोसे चलती है। मेरे लिए सबसे अहम यह है कि मैं गेंद की लाइन पर नजर रखूं और माहौल को समझूं। चूंकि हम फ़िलहाल पूरे भारत में अलग-अलग जगहों पर खेल रहे हैं, तो परिस्थितियों के साथ तालमेल बिठाना बेहद आवश्यक हो जाता है। इसके लिए मैं मैच से पूर्व या नेट अभ्यास के दौरान ही अपनी रणनीति तैयार कर लेता हूं। विपक्षी गेंदबाजी की अपनी योजना होती है, इसलिए मेरे जेहन में हमेशा यह रहता है कि मैं अपने खेल और अपनी तैयारी पर पूरा भरोसा रखूं।”
सलामी बल्लेबाज ने अपनी शैली पर कहा, “मैं इसे जोखिम भरा खेल नहीं मानता। हालांकि इसे ‘कम्फर्ट जोन’ कहना पूरी तरह सही नहीं होगा, लेकिन मेरा लक्ष्य हमेशा टीम को मजबूत शुरुआत दिलाना होता है। शुरुआती छह ओवरों का लाभ उठाना बेहद अहम है और मैं नेट्स पर भी इसी की तैयारी करता हूं। मेरे ज़ेहन में यह बात स्पष्ट रहती है कि विपक्षी टीम के मुख्य गेंदबाज ही पारी के शुरुआती ओवर फेंकते हैं। अगर मैं पहले तीन-चार ओवरों में उन पर हावी हो जाऊं, तो मैच पर हमारी पकड़ मजबूत हो जाती है।
उन्होंने कहा, “मैंने एक चीज सीखी है कि यदि आप हर गेंद पर प्रहार करना चाहते हैं या 200 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाज़ी का इरादा रखते हैं, तो वैसी ही मानसिकता और कड़ा अभ्यास जरूरी है। हर टीम मेरे लिए अलग रणनीति तैयार रखती है। अब मुझे समझ आता है कि यह केवल क्षेत्ररक्षण सेटिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि पिच और गेंदबाजी के तरीके पर भी निर्भर करता है। इसलिए मैच से पहले की गई मेरी तैयारी सबसे ज़्यादा मायने रखती है। इस सीरीज़ के शुरू होने से पहले मेरे पास एक सप्ताह का समय था। मैं जानता था कि न्यूजीलैंड के गेंदबाज मुझे मुश्किल में डालने की कोशिश करेंगे, लेकिन मुझे अपनी नैचुरल गेम और अपनी मेहनत पर पूरा भरोसा है।”
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