Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • बीएस-1, 2 और 3 वाहन होंगे बंद, एनसीआर में शुरू होगा अभियान
    • यूपी-बिहार के पुलिस अफसरों को ठगने वाला 10वीं फेल युवक गिरफ्तार
    • न्यू टाउनशिप के लिए जमीन देने से किसानों का इनकार, अधिग्रहण की तैयारी में मेडा
    • नगर निगम को हस्तांरित हुए मेडा के 13 एसटीपी
    • सीबीएसई के नए चेयरमैन बने लोखंडे प्रशांत सीताराम और सचिव वरुण भारद्वाज
    • सूरत में भिड़ीं दो बसें, एक के परखच्चे उड़े, दूसरी में लगी आग; 7 की मौत
    • मेरठ : दुकान और 10 साल से बंद मकान में लगी आग, मची अफरातफरी
    • शिक्षा दे रहे विश्वविद्यालय समाज व परिवार के प्रोत्साहन से हर क्षेत्र दिव्यांग सफलता और सपनों की उड़ान
    Facebook Instagram X (Twitter) YouTube
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Demo
    • न्यूज़
    • लेटेस्ट
    • देश
    • मौसम
    • स्पोर्ट्स
    • सेहत
    • टेक्नोलॉजी
    • एंटरटेनमेंट
    • ऑटो
    • चुनाव
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Home»देश»न्यू टाउनशिप के लिए जमीन देने से किसानों का इनकार, अधिग्रहण की तैयारी में मेडा
    देश

    न्यू टाउनशिप के लिए जमीन देने से किसानों का इनकार, अधिग्रहण की तैयारी में मेडा

    adminBy adminJune 3, 2026No Comments8 Views
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn WhatsApp Reddit Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    मेरठ 03 जून (प्र)। देश की पहली आधुनिक न्यू टाउनशिप परियोजना को समय पर विकसित करने की राह में मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) को किसानों ने बड़ा झटका दिया है परियोजना के लिए चिन्हित कई किसानों ने अपनी जमीन देने से साफ इन्कार कर दिया है। किसानों के इस कड़े रुख को देखते हुए मेडा ने अब उनकी जमीन का अनिवार्य अधिग्रहण करने की तैयारी कर ली है। इसके लिए बकायदा फाइल तैयार कर ली गई है, जिसे शासन से हरी झंडी मिलते ही लागू कर दिया जाएगा।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा शिलान्यास की जा चुकी देश की यह पहली आधुनिक न्यू टाउनशिप वर्ष 2027 तक तैयार होनी है। परियोजना के लिए मोहिउद्दीनपुर और आसपास के क्षेत्र में कुल 294 हेक्टेयर जमीन की आवश्यकता है। इसमें से मेडा अब तक किसानों से आपसी सहमति से 156 हेक्टेयर भूमि ही खरीद पाया है। 12 हेक्टेयर जमीन सरकारी है, जिस पर कब्जा लेना बाकी है करीब 126 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। किसानों द्वारा ये जमीन देने से हाथ खड़े कर देने से विकास प्राधिकरण के अफसरों में बेचौनी है। हालांकि मेडा की ओर से अभी भी किसानों से सीधे जमीन खरीदने (बैनामा कराने की प्रक्रिया जारी है, लेकिन जो किसान आनाकानी कर रहे हैं उनकी जमीन के लिए अधिग्रहण का ही रास्ता चुना गया है।

    शुरुआत में बेची जमीन, अब क्यों बदला किसानों का रुख
    यह न्यू टाउनशिप मुख्य रूप से मोहिउद्दीनपुर, परतापुर, गेझा, दौलतपुर, भूड़बराल और काशी गांव के किसानों की जमीन पर विकसित होनी है। शुरुआत में मुख्यमंत्री द्वारा शिलान्यास होने के बाद किसानों ने स्वेच्छा से मेडा को जमीन बेची और सर्किल रेट से चार गुना मुआवजा सीधे उनके बैंक खातों में पहुंच गया। करीब दो महीने तक यह प्रक्रिया सुचारु रूप से चली लेकिन अब बाकी बचे किसान अपनी जमीन की और ज्यादा कीमत मांग रहे हैं। इस संबंध में किसानों और मेडा अधिकारियों के बीच कई दौर की वार्ता भी हुई लेकिन किसान मौजूदा सर्किल रेट के चार गुना दाम पर जमीन देने को राजी नहीं हैं।

    अब अधिग्रहण ही एकमात्र विकल्प
    मेडा अधिकारियों का स्पष्ट मानना है कि यदि इस महत्वाकांक्षी परियोजना को 2027 की समयसीमा के भीतर पूरा करना है तो अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू करना मजबूरी बन गया है इसके तहत लगभग 126 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
    उपाध्यक्ष संजय मीणा द्वारा भेजी गई इस फाइल का जिलाधिकारी (डीएम) स्तर पर तकनीकी व औपचारिक परीक्षण होने के बाद इसे अंतिम निर्णय के लिए शासन को भेजा जाएगा।

    मुआवजा नीतिः सर्किल रेट का चार गुना ही मिलेगा पैसा
    शासन से हरी झंडी मिलने के बाद जब भूमि अध्याप्ति विभाग के माध्यम से जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा, तब भी किसानों को सर्किल रेट से चार गुना ज्यादा कीमत ही मुआवजे के रूप में मिलेगी मेडा यह राशि भूमि अध्याप्ति विभाग को ट्रांसफर करेगा जो सीधे किसानों के खातों में भेजी जाएगी। इसके बाद जिला प्रशासन बलपूर्वक या कानूनी रूप से जमीन पर कब्जा लेकर मेडा को सौंप देगा।

    सरकारी जमीन को भी कराया जाएगा कब्जा मुक्त
    प्रस्तावित परियोजना क्षेत्र में करीब 12 हेक्टेयर सरकारी भूमि भी शामिल है, जिसमें चकरोड, नाले, ट्यूबवेल और कुछ खाली भूमि है। वर्तमान में इस सरकारी जमीन पर कई स्थानीय किसानों का अवैध कब्जा है। प्रशासन और मेडा ने इस जमीन का पुनः अधिग्रहण करने या प्रशासनिक कार्रवाई के जरिए इसे जल्द से जल्द कब्जा मुक्त कराने की तैयारी कर ली है। इसके कानूनी पहलुओं की जांच की जा रही है।

    मेरठ विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष संजय मीणा का कहना है कि न्यू टाउनशिप सरकार की अत्यंत महत्वाकांक्षी परियोजना है और इसे निर्धारित समय में विकसित करना हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। अभी भी कुछ किसान स्वेच्छा से बैनामा कर रहे हैं, लेकिन जो आनाकानी कर रहे हैं, उनके लिए जमीन अधिग्रहण का प्रस्ताव तैयार कर जिलाधिकारी को भेज दिया गया है। शासन से स्वीकृति मिलते ही आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

    meda meerut news meerut report new township tazza khabar uttar-pradesh news
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram Email
    admin

    Related Posts

    बीएस-1, 2 और 3 वाहन होंगे बंद, एनसीआर में शुरू होगा अभियान

    June 3, 2026

    यूपी-बिहार के पुलिस अफसरों को ठगने वाला 10वीं फेल युवक गिरफ्तार

    June 3, 2026

    नगर निगम को हस्तांरित हुए मेडा के 13 एसटीपी

    June 3, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    © 2026 Tazza khabar. All Rights Reserved.
    • Our Staff
    • Advertise

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.