बिजनौर, 30 अप्रैल (ता)। जिले में साइबर अपराध का अब तक का सबसे क्रूर चेहरा सामने आया है। साइबर अपराधियों ने महिला दिनों को कई तक डिजिटल अरेस्ट रखकर इतना डराया, धमकाया कि शादी की सालगिरह से एक दिन पहले उसने फांसी लगाकर जान दे दी। अंतिम संस्कार के समय साइबर ठग का फोन आने पर परिजनों को शक हुआ। इसके बाद पुलिस को तहरीर दी गई। पुलिस ने अज्ञात में रिपोर्ट दर्ज की है। महिला गृहिणी थी। पति एक फैक्टरी में नौकरी करता है।
पुलिस के मुताबिक कोतवाली शहर के गांव फरीदपुर भोगी निवासी गृहिणी मोनिका (28) पत्नी रणधीर ने बीती गत रात घर में दुपट्टे से फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। गत दिवस सुबह साथ सोई दोनों बेटियां जिया (8) और नंदनी (11) उठीं तो मां को दुपट्टे से लटका देखा। उनकी चीखें सुनकर परिजन आ गए। सूचना पर मायके वाले पहुंचे। शुरुआत में मामला किसी लड़के से जुड़ा होने की आशंका हुई तो लोकलाज के डर से अंतिम संस्कार करने बैराज ले गए।
मोनिका के भतीजे संयोग ने कहा कि अंतिम संस्कार के समय मोनिका के मोबाइल पर लगातार घंटी बज रही थी। जब फोन उठाया तो वीडियो कॉल पर एक व्यक्ति पुलिस की वर्दी में दिखा। उसने खुद को क्राइम ब्रांच से कहा। मोनिका से बात कराने के लिए कहा। उसकी बातचीत से रिश्तेदारों का शक साइबर अपराध की ओर गया।
श्मशान घाट से आने के बाद गत दिवस कमरे में तलाश की गई तो एक डायरी में सुसाइड नोट मिला। इसमें मोनिका ने एक लड़के द्वारा परेशान करने, ब्लैकमेल करने की बातें लिखी थीं। मोनिका का मोबाइल चेक किया तो व्हाट्सएप पर पांच ऐसे नंबर मिले, जिन पर ऑडियो, कॉल, मिस्डकॉल, मैसेज पड़े थे। इनमें कोई खुद को क्राइम ब्रांच से बता रहा तो किसी ने मोनिका पर तस्करी का आरोप लगाया।
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