नई दिल्ली 29 जुलाई। दिग्गज एक्टर देव आनंद के बेटे सुनील आनंद अब इस दुनिया में नहीं रहे। 70 वर्ष की उम्र में उनका निधन हो गया। उनके परिवार ने मंगलवार, 28 जुलाई को इस दुखद खबर की जानकारी दी। उनकी मौत का कारण हार्ट अटैक बताया गया है, जिसे उनकी भतीजी ने भी कंफर्म किया ।सुनील आनंद ने भी कई फिल्में की लेकिन उन्हें पिता जैसी सफलता नहीं मिली।
परिवार की ओर से देव आनंद की भतीजी जीना नारंग ने एक भावुक बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि परिवार गहरे दुख में है और इस मुश्किल समय में लोगों से मिली दुआओं, प्यार और सहयोग के लिए सभी का दिल से आभार व्यक्त करता है। साथ ही उन्होंने सभी से परिवार की प्राइवेसी का सम्मान करने की अपील भी की।
सुनील आनंद ने अपने फिल्मी करियर में ‘आनंद और आनंद’ (1984), ‘कार थीफ’ (1986), ‘मैं तेरे लिए’ (1988) और ‘मास्टर’ जैसी फिल्मों में काम किया। बाद में उन्होंने निर्देशन की दुनिया में भी कदम रखा। उनकी पहली निर्देशित फिल्म ‘मास्टर’ थी, जो साल 2001 में रिलीज हुई थी।
देव आनंद और एक्ट्रेस कल्पना कार्तिक के इकलौते बेटे थे।
सुनील आनंद ने अमेरिका की वॉशिंगटन डीसी स्थित अमेरिकन यूनिवर्सिटी से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन की पढ़ाई पूरी की थी। इसके बाद उन्होंने अपने पिता की तरह फिल्मी दुनिया में करियर बनाने का फैसला किया। शुरुआत में उन्होंने 1970 के दशक के आखिर और 1980 के शुरुआती वर्षों में देव आनंद की कई फिल्मों में असिस्टेंट के तौर पर काम किया।
साल 1984 में देव आनंद ने बेटे को फिल्म ‘आनंद और आनंद’ से लॉन्च किया। इस फिल्म में देव आनंद के साथ राखी और स्मिता पाटिल भी अहम भूमिकाओं में थीं। हालांकि, यह फिल्म दर्शकों को प्रभावित नहीं कर सकी और बॉक्स ऑफिस पर असफल रही।
इसके बाद 1986 में सुनील को फिल्म ‘कार थीफ’ में लीड हीरो के रूप में मौका मिला। विजयता पंडित उनके साथ लीड रोल में थीं, जबकि राजेंद्र कुमार और आशा पारेख भी फिल्म का हिस्सा थे। देव आनंद के बैनर नवकेतन फिल्म्स के तहत बनी यह फिल्म भी बॉक्स ऑफिस पर खास कमाल नहीं दिखा सकी।
सुनील आनंद ने एक्टिंग से दूरी बना ली
लगातार फिल्मों के नहीं चलने के बाद सुनील आनंद ने एक्टिंग से दूरी बना ली। कई वर्षों बाद उन्होंने निर्देशक के रूप में वापसी की और 2001 में ‘मास्टर’ बनाई। इस फिल्म के लिए उन्होंने हांगकांग जाकर साउथ चाइना की पारंपरिक कुंग फू शैली विंग चुन की खास ट्रेनिंग भी ली थी। लेकिन यह फिल्म भी दर्शकों का दिल जीतने में सफल नहीं रही।
उन्होंने कभी शादी नहीं की और पूरी जिंदगी अविवाहित रहे
साल 2011 में देव आनंद के निधन के बाद सुनील आनंद ने नवकेतन फिल्म्स की जिम्मेदारी संभाली। हालांकि, उन्होंने खुद को फिल्मों और लाइमलाइट से दूर रखा और बेहद सादा व शांत जीवन जिया। उन्होंने कभी शादी नहीं की और पूरी जिंदगी अविवाहित रहे।

