प्रयागराज, 29 जुलाई (ता)। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि बालिग अपनी मर्जी से शादी करता है तो अपराध नहीं है। ऐसे मामलों में पुलिस को हस्तक्षेप का अधिकार नहीं है। इस टिप्पणी संग न्यायमूर्ति जेजे मुनीर व न्यायमूर्ति तरुण सक्सेना की खंडपीठ ने भदोही निवासी जोड़े की याचिका पर अपहरण से संबंधित एफआईआर रद्द कर दी। साथ ही पुलिस और युवती के पिता पर जुर्माना लगाया है। जोड़े ने अपहरण के आरोप में सुरियावां थाने में दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने व गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग की थी। उनका कहना था कि दोनों बालिग हैं और प्रेम संबंध में थे 18 फरवरी को प्रयागराज में आर्य वैदिक सभा में शादी की थी। इसकी जानकारी मिलने पर परिजनों ने विरोध किया था और जान से मारने की धमकी दी थी। इसके बाद दोनों ने सुरक्षा की गुहार लगाई थी। इस पर कोर्ट ने माना कि प्रलोभन या अपहरण का प्रश्न नहीं उठता। कोर्ट ने एफआईआर रद्द कर पुलिस अधीक्षक (एसपी) और सुरियावां थाना प्रभारी पर संयुक्त रूप से एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
Trending
- मुख्यमंत्री जी अभी हजारो हेक्टेयर भूमि और कब्जा मुक्त हो सकती है अफसर शिकायतों का कर रहे हैं फर्जी निस्तारण ढूंढने से भी खेती व कृषि की जमीन
- बाईपास पर एक नामी कंपनी के स्टोर की चर्चा, रेडिसन ब्लू संगरीला द ललिता अशोका जैसे होटलों और नामचीन कंपनियों के सेल्स
- कच्ची कॉलोनियां काटकर और अवैध निर्माण करने तथा सरकारी जमीन घेरकर बेचने वालों के खिलाफ देशभर में चलेगा बुल्डोजर सुविधा शुल्क लेने वाले भी बचा नहीं पाएंगे
- पत्रकारों के साथ जो जनप्रतिनिधि करते थे अब युवाओं के साथ कर रहे हैं
- छोटा हसनपुर से सिसौली तक भाजपा ने निकाली तिरंगा यात्रा
- प्रो. उषा सिंह मेजर पद पर हुईं पदोन्नत
- दीपके का ऐलान, जंतर-मंतर पार्ट 2 जल्द
- रक्षाबंधन पर परिवहन निगम छह दिन अतिरिक्त बसों का संचालन करेगा

