मेरठ 17 जून (प्र)। लोहियानगर थाना क्षेत्र में अवैध रूप से झुग्गी झोपड़ियां बनाकर रह रहे 200 संदिग्ध परिवारों की जांच पड़ताल की गई। इन परिवारों के 800 से अधिक लोगों में शुरुआती जांच के बाद केवल 70 लोगों के आधार कार्ड मिले हैं। इसके चलते पुलिस-प्रशासन और खुफिया विभाग की टीम ने सोमवार देर रात और मंगलवार को इनकी गहनता से पड़ताल की। पूछताछ में इन परिवारों ने खुद को असम और वेस्ट बंगाल का निवासी बताया है। इसके चलते वहां की पुलिस से भी संपर्क किया गया है।
जिले में एक के बाद एक, दो जनसेवा केंद्रों से फर्जी आधार कार्ड बनने और बड़े स्तर पर मादक पदार्थ की तस्करी के खुलासे के बाद संदिग्ध लोगों की जांच पड़ताल शुरू की गई है। लोहियानगर थाना क्षेत्र के जवाहरनगर, घोसीपुर, जमनानगर और जाहिदपुर में बड़ी संख्या में संदिग्ध लोगों की जांच की गई। सोमवार रात और मंगलवार को एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले, लोहियानगर थाना प्रभारी सुमित तोमर, एडीएम सिटी बृजेश सिंह और खुफिया विभाग की टीम ने यहां रह रहे 800 से अधिक लोगों का सत्यापन किया। इनमें कई महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।
अधिकतर लोगों ने खुद को असम के बारपेटा और कुछ ने वेस्ट बंगाल का निवासी बताया है। अधिकांश के पास उनके पास पुख्ता निवास प्रमाण पत्र नहीं मिले। इसके चलते पुलिस-प्रशासन, खुफिया विभाग और सुरक्षा एजेंसियां गहनता से पड़ताल और सत्यापन कर रही हैं।
बताया गया है कि चारों स्थानों पर अलग-अलग लोगों से किराये पर जमीन लेकर ये झुग्गी झोपड़ी बनाकर कच्ची कॉलोनियां बसाईं गईं हैं। असम और वेस्ट बंगाल के बताने वाले लोग कबाड़े का काम करने वाले ठेकेदार के माध्यम शहर में कूड़ा-कबाड़ी बीनते हैं। इनसे मिलने वाले रुपयों से गुजारा चलाते हैं।
राजधानी दिल्ली में पिछले कुछ साल में बांग्लादेशी, रोहिंग्या के खिलाफ सख्ती बढ़ी है। एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) के दौरान भी बड़ी संख्या में दिल्ली से इस तरह के लोग भाग गए थे। मेरठ में जहां टीमें जांच पड़ताल कर रही हैं। वहां पर पिछले कुछ साल में बाहरी लोगों की संख्या काफी बढ़ी है। ऐसे में इस आशंका से भी इन्कार नहीं किया जा सकता कि रोहिंग्या व बांग्लादेशियों ने दिल्ली छोड़कर मेरठ या आसपास के जिलों का रुख किया हो।
टीमों की जांच पड़ताल में एक जगह मस्जिद और मदरसा भी मिला है। इसके लिए अभी किसी अनुमति की भी जानकारी टीमों को नहीं मिली है। इनकी भी गहनता से पड़ताल की जा रही है।
एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले का कहना है कि सोमवार रात साढ़े सात बजे से साढ़े 11 बजे तक और मंगलवार सुबह आठ बजे से दस बजे तक चारों स्थानों पर सत्यापन अभियान चलाया गया। संदिग्ध लोगों के संबंध में प्रशासन की टीम की मदद से जांच पड़ताल की जा रही है। अवैध कार्य करने या अवैध गतिविधियों में लिप्त मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
डीएम डॉ. वीके सिंह के अनुसार लोहिया नगर के जवाहरनगर, घोसीपुर, जाहिदपुर में पुलिस-प्रशासन ने सत्यापन किया है। यहां कुछ बाहरी राज्यों के लोग रहते मिले हैं। इनकी जांच की जा रही है।

