Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • ‘वंदे मातरम्’ के अपमान पर कितने साल की सजा? राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद बनेगा कानून
    • भारतीय योग संस्थान के संस्थापक प्रकाश लाल को दी श्रद्धांजलि
    • प्रदूषण समाप्ति के उपाय हो जाएं तो 2050 तक 17 लाख मौतों को रोका जा सकता है, छह मिनट में मौत और 34 मिनट में अस्थमा का शिकार हो रहे हैं
    • 16 करोड़ की लागत से बना पुल 16 ही दिन में टूट गया आखिर यह हो क्या रहा है
    • वायुसेना ही नहीं किसी भी सरकारी सेवा के अधिकारी या कर्मचारी को समय से पूर्व नौकरी छोड़ने की ?
    • आईटीआई की परीक्षा में नकल कराने वाले गिरोह का भंडाफोड़, एसटीएफ ने प्रधानाचार्य समेत 11 गिरफ्तार
    • हरिद्वार में सलीम वास्तिक के हवन करने पर हंगामा
    • पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में पुलिस चौकी पर आंतकी हमला, 9 सुरक्षाकर्मियों सहित 24 की मौत
    Facebook Instagram X (Twitter) YouTube
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Demo
    • न्यूज़
    • लेटेस्ट
    • देश
    • मौसम
    • स्पोर्ट्स
    • सेहत
    • टेक्नोलॉजी
    • एंटरटेनमेंट
    • ऑटो
    • चुनाव
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Home»देश»CCSU ने शुरू किया कॉपियों का डिजिटल और AI से मूल्यांकन, बरती जा रही अतिरिक्त सावधानी 
    देश

    CCSU ने शुरू किया कॉपियों का डिजिटल और AI से मूल्यांकन, बरती जा रही अतिरिक्त सावधानी 

    websitemarketing2019@gmail.comBy websitemarketing2019@gmail.comJune 16, 2026No Comments4 Views
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn WhatsApp Reddit Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    मेरठ। सीबीएसई की ओर से इस वर्ष कक्षा 12वीं का डिजिटल मूल्यांकन कराने और उसमें सामने आई गड़बड़ियों की चल रही जांच के बीच अब चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय ने भी इस दिशा में कदम बढ़ाया है। विश्वविद्यालय ने डिजिटल मूल्यांकन के साथ ही एआइ यानी आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस से उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन शुरू कर दिया है।

    डिजिटल मूल्यांकन में जहां कंप्यूटर पर पीडीएफ फार्मेट में मिली उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन विषय शिक्षक ही कर रहे हैं, वहीं एआइ मूल्यांकन में सिस्टम में उपलब्ध उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन एआइ से ही कराया जा रहा है। एआइ से मूल्यांकित हो रही उत्तर पुस्तिकाओं की जांच अभी विश्वविद्यालय के शिक्षक भी कर रहे हैं जिससे में किसी भी तरह की कमी न रह जाए।

    विश्वविद्यालय की ओर से एआइ से यूजी के प्रथम व द्वितीय सेमेस्टर, पीजी के प्रथम सेमेस्टर, एलएलबी, एलएलएम पाठ्यक्रमों की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया जा रहा है। वहीं डिजिटल मूल्यांकन में बीबीए, बीसीए, सम-सेमेस्टर और बीएड के प्रथम व द्वितीय वर्ष की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन शुरू हो चुका है।

    डिजिटल मूल्यांकन में हर प्रश्न व पेज देखना अनिवार्य
    डिजिटल मूल्यांकन में शिक्षकों को हर पेज और हर प्रश्न का मूल्यांकन अनिवार्य किया गया है। परीक्षकों को कंप्यूटर पर बनी उनकी लागिन में प्रश्नपत्र मुहैया कराए जा रहे हैं। शिक्षक पीडीएफ फार्मेट में मिली उत्तर पुस्तिका का मूल्यांकन भी डिजिटल ही कर रहे हैं। मूल्यांकन करते समय शिक्षकों को हर प्रश्न का मूल्यांकन करने के बाद उनके उत्तर लिखने होते हैं।

    यदि बीच में कोई प्रश्न छूट गया या परीक्षार्थी ने उसका उत्तर नहीं लिखा तो मूल्यांकन में उस प्रश्न के सापेक्ष स्थिति इंगित करनी होगी। वहीं यदि उत्तर पुस्तिका में कुछ पन्ने रिक्त हैं तो उसकी भी स्थिति मूल्यांकन में स्पष्ट करने के बाद ही अंतिम सबमिट होगा। डिजिटल मूल्यांकन में कागजी उत्तर पुस्तिका को छोड़कर अन्य पूरी प्रक्रिया अपनाई जा रही है। इसमें अंकों का जोड़ भी डिजिटल माध्यम से जुड़ रहा है जिसमें गलती की संभावना कम होगी। शिक्षक अपनी जानकारी व विवेक के आधार पर ही मूल्यांकन कर रहे हैं।

    सटीक मूल्यांकन करेगा एआइ
    डिजिटल मूल्यांकन में जहां शिक्षक अपने विवेक से परीक्षार्थी के उत्तर पर अंक दे रहे हैं वहीं एआइ से मूल्यांकन में सटीक उत्तर पर ही अंक मिलेंगे। ट्रायल व पायलट प्रोजेक्ट के दौरान भी एआइ की सटीकता को परखा गया था। इसमें दिए गए प्रश्नों के उत्तरों के आधार पर एआइ परीक्षार्थी के उत्तर का मूल्यांकन कर उचित अंक देगा।

    छात्रों ने एआइ से मूल्यांकन का किया था विरोध
    यदि परीक्षार्थी ने उत्तर पुस्तिका में प्रश्न के सापेक्ष उत्तर सटीक नहीं लिखा है तो बहुत कुछ लिखने पर भी अंक नहीं मिलेंगे। इसके साथ ही शिक्षकों द्वारा मूल्यांकित उत्तर पुस्तिकाओं को भी एआइ से मूल्यांकन कराकर देखा जा रहा है। ट्रायल के दौरान शिक्षकों और एआइ के मूल्यांकन में दिए गए अंकों में अंतर देखने को मिला था। विश्वविद्यालय के छात्रों ने एआइ से मूल्यांकन का विरोध भी किया था, इसलिए भी विश्वविद्यालय की ओर से एआइ मूल्यांकन को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरती जा रही है।

    cbse copy checking by ai ccsu meerut digital copies checking tazza khabar
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram Email
    websitemarketing2019@gmail.com
    • Website

    Related Posts

    ‘वंदे मातरम्’ के अपमान पर कितने साल की सजा? राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद बनेगा कानून

    July 30, 2026

    भारतीय योग संस्थान के संस्थापक प्रकाश लाल को दी श्रद्धांजलि

    July 30, 2026

    प्रदूषण समाप्ति के उपाय हो जाएं तो 2050 तक 17 लाख मौतों को रोका जा सकता है, छह मिनट में मौत और 34 मिनट में अस्थमा का शिकार हो रहे हैं

    July 30, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    © 2026 Tazza khabar. All Rights Reserved.
    • Our Staff
    • Advertise

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.