
मेरठ 17 जून (प्र)। एसटीएफ, मेरठ ने खनन की असली रॉयल्टी में फर्जीवाड़ा करके राज्य सरकार को राजस्व की हानि पहुंचाने वाले गिरोह के चार आरोपितों और लोक निर्माण विभाग के लिपिक को गिरफ्तार किया है। एसटीएफ ने आरोपियों के कब्जे से लैपटॉप, कार, मोबाइल फोन और नगदी बरामद की है।
एसटीएफ, मेरठ के एएसपी बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि अवैध रूप से खनन की रॉयल्टी में परिवर्तन कूटरचित तरीक में फर्जी किट तैयार कर राज्य सरकार को राजस्व की हानि पहुंचाने वाले गिरोहों के संबंध में जानकारी मिल रही थी। जिस पर एसटीएफ के निरीक्षक निरीक्षक रविंद्र कुमार, उप निरीक्षक संजय कुमार, हेड कॉस्टेबल आकाशदीप, प्रताप सिंह तथा चालक भूपेंद्र सिंह व उप निरीक्षक अरुण कुमार निगम, हेड कांस्टेबल महेश शर्मा, कांस्टेब लोकेश भाटी, हेड कांस्टेबल रौमिश ने रविवार की रात में बागपत के गांव निवाड़ा स्थित इंडियन नर्सिंग होम चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों ने अपने नाम नईम पुत्र इंतजार अली, तालिब पुत्र फारूख व फिरोज पुत्र अहमद अली निवासीगण ग्राम निवाड़ा, थाना बागपत तथा आरिफ पुत्र जाहिद निवासी मोहल्ला बुढापीर, सिवाल खास, थाना जानी, मेरठ बताए। आरोपियों ने बताया कि वे अपने साथियों के साथ मिलकर खनन की असली रॉयल्टी अपने साथी राहुल उर्फ राजा व आशुतोष से व्हाट्सएप पर प्राप्त करते है। राहुल उर्फ राजा व आशुतोष इनको वह आईएसटीपी भेजते हैं जिनका अन्य किसी विभाग के द्वारा प्रयोग न किया गया हो। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 8 मोबाइल फोन, लैपटॉप, एक कार तथा नगदी बरामद की है।
वेस्ट में सरकारी विभागों के कर्मियों की संलिप्ता
एसटीएफ के एएसपी बृजेश कुमार सिंह ने गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद बताया कि जनपद मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, गौतमबुद्धनगर एवं संभल के पीडब्ल्यूडी व नगर निगम तथा जनपद गाजियाबाद के पीडब्लयूडी के वलकों / ठेकेदारों को असली रॉयल्टी में उपरोक्त जनपदों के क्लर्क के बताए अनुसार फर्जी तरीके से रॉयल्टी (आईएसटीपी) में दिनांकरू आदि परिवर्तन कर उनको वापस भेज देते हैं। जिसकी एवज में पीडब्लयूडी के क्लर्क व ठेकेदार एक क्यूबिक मीटर खनन पर 20 रुपये के हिसाब से पैदा देते हैं। साथ ही, गिरफ्तार आरोपी 15 रुपये एक क्यूबिक मीटर के हिसाब से राहुल उर्फ राजा व आशुतोष को देते हैं। इस तरह आपराधिक षड़यंत्र के तहत साजिश रचकर खनन विभाग की असली रॉयल्टी को कूटरचित तरीके से तैयार कर पीडब्ल्यूडी व नगर निगम के विभिन्न जनपदों के वलकों एवं ठेकेदारों को उपलब्ध कराई गई है।
10 वर्षों से सरकार को अरबों की चपत
एसटीएफ, मेरठ की जांच पड़ताल में पता चला कि नईम, तालिब, फिरोज व आरिफ के द्वारा राहुल उर्फ राजा व आशुतोष के साथ मिलकर पिछले 10 वर्षों से संगठित गिरोह का संचालन किया जा रहा है। इस गिरोह से मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, गौतमबुद्धनगर, शामली व संभल के पीडब्लयूडी व नगर निकाय के कुछ क्लर्क व ठेकेदार मिले हुए है। एक अनुमान के अनुसार, दस साल के भीतर इस गैंग के द्वारा प्रदेश सरकार को अरबों के राजस्व की चपत लगाई जा चुकी है।

