अलीगढ़ 17 जून। यूपी बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा में जनपद की वंदना सिंह ने प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त कर गौरव बढ़ाया है। एटा चुंगी निवासी वंदना सिंह ने 359.32 अंक प्राप्त किए हैं। वहीं, एएमयू से पढ़ाई करने वाले सॉफ्टवेयर इंजीनियर नितिन पचौरी 352.66 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहे हैं। दोनों ही टॉपर्स ने अपनी सफलता का श्रेय परिवार को दिया है।
वर्ष 2024-25 में डीएस कालेज से एमएससी (बाटनी) की पढ़ाई पूरी की। इस वर्ष पिता भीके सिंह (सेवानिवृत्त लेखपाल) के कहने पर बुझे मन से बीएड की परीक्षा में बैठीं, नतीजतन अच्छा स्कोर नहीं कर पाईं। नौकरी की तलाश की, जब नहीं मिली तो शिक्षक बनने के लिए बीएड करना का ही विकल्प बचा। अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई के बावजूद बीएड में हिंदी माध्यम को चुना, जो चुनौतीपूर्ण निर्णय था। वंदना ने हार नहीं मानी।
छह माह तक केवल इस प्रवेश परीक्षा की तैयारी की। किसी भी विषय की विधिवत कोचिंग तो नहीं ली, लेकिन रीजनिंग कमजोर होने के चलते स्मार्ट स्टडी (आनलाइन) का सहारा लिया। दोपहर 12 बजे से छह बजे तक हिंदी, विज्ञान, जीएस व रीजनिंग विषयों को नियमित रूप से पढ़ा।हिंदी में कमजोर होने के कारण 10वीं व 12वीं की भांति नोट्स बनाकर तैयारी की। अन्य विषयों के नोट्स बनाए। सभी विषयों में पाठ्यक्रम को समझने, नियमित अध्ययन और पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों के विश्लेषण पर विशेष ध्यान दिया।
वंदना के अनुसार, सफलता के लिए लंबे समय तक पढ़ाई करने से अधिक जरूरी सही दिशा में पढ़ाई करना है। मेरी जल्दी सीखने की आदत ने सफलता में मदद की। परीक्षा से एक माह पूर्व का समय काफी मुश्किल था, मुझे बार-बार घबराहट होती। ऐसी स्थिति में परिवार ने उत्साह बढ़ाया। परीक्षा हाल में समय प्रबंधन बहुत जरूरी होता है, अभ्यर्थी इसका ध्यान रखें।
अलीगढ़ के मैलरोज स्थित बिहारीपुरम निवासी नितिन पचौरी ने प्रदेश में दूसरा स्थान हासिल किया है। वह पेशे से एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। उन्होंने एएमयू से सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और कुछ समय नौकरी भी की। उन्होंने बताया कि देश और समाज के लिए कुछ अलग करने के जज्बे के कारण कॉर्पोरेट की नौकरी छोड़ दी।
नितिन का कहना है कि अगर एक इंजीनियर के रूप में काम करते तो केवल पैसे कमा सकते थे। उनका कहना है कि वह एक शिक्षक बनकर देश के लिए डॉक्टर और इंजीनियर तैयार करना चाहते हैं।
नितिन पिछले 10 वर्षों से एक निजी शिक्षक के रूप में अलग-अलग कोचिंग संस्थानों में पढ़ा रहे हैं। लंबे समय तक शिक्षण कार्य से जुड़े रहने के बाद उन्हें बीएड डिग्री की आवश्यकता महसूस हुई, जिसके बाद उन्होंने यह परीक्षा दी। उनका मुख्य उद्देश्य स्कूलों में शिक्षा के स्तर को इतना मजबूत करना है ताकि बच्चों की कोचिंग पर से निर्भरता पूरी तरह खत्म हो सके।
प्रदेश के शीर्ष 10 अभ्यर्थी (400 अंकों में प्राप्त अंक)
क्रम नाम जिला प्राप्तांक
1 वंदना सिंह अलीगढ़ 359
2 नितिन पचौरी अलीगढ़ 352
3 खुशी अजय मिश्रा जौनपुर 349
4 प्रिया पटेल वाराणसी 341
5 प्रगति तिवारी वाराणसी 340
6 अबू बकर मथुरा 338
7 सुचिता पांडेय मिर्जापुर 337
8 संजना यादव जौनपुर 334
9 अंतरिक्ष शर्मा साउथ ईस्ट दिल्ली 333
10 स्नेहा सक्सेना शाहजहांपुर 331

