मेरठ 17 जून (प्र)। तेज बरसात आंधी-तूफान के दौरान सड़क किनारे खड़े जर्जर पेड़ राहगीरों वाहनों और संपत्तियों के लिए खतरा बन जाते हैं। ऐसे पेड़ गिरने से कई लोगों की जान भी जा चुकी है। इसके चलते मानसून से पहले वन विभाग ने 95 सूखे और जर्जर पेड़ों को कटवा दिया है।
प्रभागीय निदेशक वानिकी वंदना फोगाट ने बताया कि हर साल 90 से 200 ऐसे पेड़ों को चिह्नित किया जाता है, जो जान के लिए खतरा बन सकते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि यदि उनके क्षेत्र में सूखा या झुका हुआ पेड़ दिखाई दे तो इसकी सूचना वन विभाग को दें, ताकि समय रहते इन्हें काटा जा सके। वन विभाग ने एक माह पूर्व ऐसे 210 पेड़ों को चिह्नित किया था, जिसमें से 95 को काट दिया गया है। 115 पेड़ कटने अभी बाकी है। रेंजर नवनीत ने बताया कि दिल्ली रोड, गढ़ रोड, मवाना रोड, हस्तिनापुर, परीक्षितगढ़, सरधना नहर आदि स्थानों पर खड़े इन पेड़ों को काटा गया है। वहीं, शास्त्रीनगर, गंगानगर के लोगों ने भी पेड़ काटने का प्रार्थना पत्र दिया है। इनकी प्रक्रिया अभी चल रही है।
इस नियम के तहत काटे जाते है खतरनाक पेड
वंदना फोगाट ने बताया कि पेड़ों का कटान भारतीय वन अधिनियम 1927 और उत्तर प्रदेश वृक्ष संरक्षण एवं वन विभागीय प्रविधानों के तहत होता है। किसी पेड़ को काटने से पहले रेंजर रैंक के अधिकारी उसकी स्थिति का तकनीकी निरीक्षण करते हैं। उनकी अनुमति के बाद ही पेड़ों को काटा जाता है।
इन पेड़ों को काट सकता है वन विभाग
- सूख चुके, खोखले हो चुके, दीमक या रोगों से गंभीर प्रभावित ।
- जड़ों से कमजोर होकर झुक चुके
- हरे पेड़, जो जीवन के लिए खतरा बन सकते हैं।
- सड़क, बिजली लाइन या सार्वजनिक परिसंपत्तियों के लिए खतरा बने पेड़।
- आंधी-तूफान में गिरने की आशंका वाले, प्राकृतिक आपदा या दुर्घटना के बाद असुरक्षित घोषित किए पेड़।
पेड़ गिरने से हुई दुर्घटनाएं
- 17 अक्टूबर 2021 : बरसात के दौरान मवाना खुर्द में पुलिस चौकी के समीप यूकेलिप्टस का पेड़ गिरने से टेंपो क्षतिग्रस्त हो गया था। इसमें सवार पांच लोग घायल हुए।
- 11 जुलाई 2025 : ततीना मोड़ के पास विशाल पेड़ बाइक पर गिरने से ढाई साल की बच्ची की मौत हुई थी। उसके माता-पिता गंभीर घायल हुए थे।
- 2 सितंबर 2025 : मेरठ-मवाना मार्ग पर रहमापुर गांव में बरसात के कारण दो विशालकाय पेड़ गिरने से बाइक सवार युवक बिजेंद्र और सलमान की मौत हुई थी।
- 12 दिसंबर 2025 : हस्तिनापुर क्षेत्र के पलड़ा गांव में ही खेत से लौट रहे किसान राजबीर की बुग्गी पर पेड़ गिरने से उनकी मौत हो गई थी।
- 9 जून 2026 : हस्तिनापुर के पलड़ा गांव में बुग्गी पर यूकेलिप्टस का पेड़ गिरने
से किसान ऋषिपाल की मौत हुई थी।

