नई दिल्ली 26 मई। भोपाल के हाई- प्रोफाइल ट्वीशा शर्मा मौत मामले पर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बेहद अहम टिप्पणी की है। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान उन्होंने कहा कि तलाकशुदा बेटी मरी हुई बेटी से ज्यादा अच्छी होती है। उन्होंने ट्वीशा शर्मा के परिवार को लेकर भी नाराजगी जताई और कहा कि उन्हें समय रहते बेटी की शिकायतों पर ध्यान देना चाहिए। । मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचौली की बेंच के सामने मध्य प्रदेश सरकार की तरफ से एसजी तुषार मेहता पेश हुए, जबकि आरोपी परिवार का पक्ष सीनियर एडवोकेट सिद्धार्थ दवे ने रखा।
लाइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार एसजी तुषार मेहता ने सुनवाई के दौरान ट्वीशा की सास और पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह की ओर से टीवी चैनल्स पर इंटरव्यू देने, अपनी बहू को बदनाम करने की कोशिश करने और जांच में सहयोग न करने की दलीलें दीं। जब सिद्धार्थ दवे ने मीडिया रिपोट्र्स को लेकर नाराजगी जताई और कहा कि सीआरपीसी की धारा 164 के तहत दर्ज पूरा बयान आज के अखबार में छपा है, तो एसजी तुषार मेहता ने कहा कि और खुद ट्वीशा की सास और पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह अलग-अलग चैनलों पर जाकर इंटरव्यू दे रही हैं और अपनी बहू को बदनाम करने वाले बयान दे रही हैं। सीजेआई सूर्यकांत ने सिद्धार्थ दवे की दलीलों पर कहा कि हम कोई भी नैरेटिव गढ़ने के खिलाफ हैं, इसीलिए सीबीआई को जांच सौंपी गई है। उन्होंने कहा कि उन्हें पुलिस और न्यायपालिका पर भरोसा है। साथ ही उन्होंने मीडिया से जिम्मेदारी के साथ अपना काम करने, किसी पक्ष के बयान पर दावे न करने और पक्षों के दोस्तों और रिश्तेदारों से बात नहीं करने की अपील की है।
सीबीआई करेगी ट्वीशा शर्मा डेथ केस की जांच
सुप्रीम कोर्ट ने ट्वीशा मौत मामले में न्यायपालिका के आरोपियों को बचाने की धारणा पर सोमवार को निराशा व्यक्ति की कोर्ट ने कहा कि दुख हुआ यह सुनकर कि न्यायपालिका आरोपियों को बचा रही है। शीर्ष अदालत ने कहा कि वे आम जनता से अनुरोध करते हैं कि वो अटकलों से बचे और सबसे प्रमुख जांच एजेंसी (सीबीआई) पर भरोसा रखे। कहा कि उसे पूरा यकीन है कि सही समय आने पर एजेंसी जांच को उसके अंजाम तक जरूर पहुंचाएगी। सीबीआई ने इस मामले में आईपीसी की धारा 80 (2), 85, और 3(5) के तहत, साथ ही दहेज निषेध अधिनियम की धारा 3 और 4 के तहत एक मामला दर्ज किया है।

