रामपुर 16 मई। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव आजम खां को जिलाधिकारी पर आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में शनिवार को न्यायालय ने दो साल के कारावास की सजा सुनाई है। आजम खां के खिलाफ अब तक 16 मुकदमों में फैसला आ चुका है। उन्हें आठ मामलों में सजा मिल चुकी है, जबकि आठ मुकदमों में वह बरी हुए हैं।
दरअसल, 2019 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान आजम खान ने एक रैली में सरकारी अधिकारियों के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की थी. उनके इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया था. वीडियो में आजम खान कह रहे थे- “सब डटे रहो, ये कलेक्टर-पलेक्टर से मत डरियो… ये तनख्वाहिया हैं, तनख्वाहियों से नहीं डरते… देखे हैं मायावती जी के फोटो कैसे बड़े-बड़े अफसर रुमाल निकालकर जूते साफ कर रहे हैं. उन्हीं से है गठबंधन, उन्हीं के जूते साफ करवाऊंगा इनसे, अल्लाह ने चाहा तो…”
क्या था पूरा मामला
आजम खान के इस बयान को आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन मानते हुए शिकायत दर्ज कराई गई थी. मामला रामपुर के एमपी/एमएलए कोर्ट में चल रहा है. पिछली सुनवाई के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था. आज इस मामले में कोर्ट अपना फैसला सुनाएगा. आजम खान वर्तमान में रामपुर जेल में बंद हैं. उनके वकील और अभियोजन पक्ष दोनों ही आज कोर्ट में अपना पक्ष रखेंगे. यह मामला सात साल पुराना है और लंबे समय से अदालती प्रक्रिया में चल रहा था. आजम खान पर कई अन्य मामलों में भी मुकदमे चल रहे हैं, लेकिन इस विवादित बयान वाला केस खासा चर्चित रहा था.
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान पर कई मुकदमे दर्ज रहे हैं. अब तक उनके खिलाफ दर्ज मामलों में कई में उन्हें दोषी करार दिए गए हैं. दो पैन कार्ड फ्रॉड मामले में आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को 7 साल की जेल और 50,000 रुपए का जुर्माना लगाया गया है. अपील में रामपुर सेशन कोर्ट ने अप्रैल 2026 में भी सजा बरकरार रखी. इसी वजह से आजम खान अभी भी जेल में हैं. 2016 के डूंगरपुर कॉलोनी में जबरन बेदखली और लूट के मामले उन्हें 10 साल की जेल की सजा सुनाई गई थी. फर्जी जन्म प्रमाण पत्र मामले में आजम खान, पत्नी तजीन फातिमा और बेटे अब्दुल्ला को 7 साल की जेल हुई थी. हेट स्पीच और भड़काऊ भाषण मामले में उन्हें 2-3 साल की सजा मिल चुकी है. फर्जी हथियार लाइसेंस, सरकारी काम में बाधा डालने आदि मामलों में भी छोटी-बड़ी सजाएं मिल चुकी हैं.

