मेरठ 25 मई (प्र)। मेरठ रेंज में आगामी 28 मई को मनाए जाने वाले ईद-उल-अजहा (बकरीद) के त्योहार को लेकर पुलिस-प्रशासन के द्वारा मुकम्मल सुरक्षा व्यवस्था की गई है। 91 हॉट स्पॉट चिह्नित करते हुए रेंज को 23 जोन एवं 79 सेक्टर में विभाजित किया गया है। संवेदनशील और मिश्रित क्षेत्र में ड्रोन से निगरानी की जाएगी। साथ ही, 49 क्यूआरटी तैनात रहेंगी।
डीआईजी ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि अगर परंपरा से हटकर कोई भी आयोजन हुआ तो उसके लिए थाना प्रभारी एवं चौकी इंचार्ज की जवाबदेही होगी। डीआईजी मेरठ रेंज कलानिधि नैथानी बताया कि 28 मई को ईद-उल-अजहा (बकरीद) का त्योहार मनाया जा रहा है। इस दौरान रेंज में 508 ईदगाह व 957 मस्जिदों में नमाज होगी कानून व्यवस्था के दृष्टिगत रेंज को 23 जोन व 79 सेक्टर में बांटा गया है। साथ ही, 49 क्यूआरटी रहेंगी। छह हजार पुलिसकर्मी सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी सम्भालेंगे।
डीआईजी ने चेतावनी देते हुए कहा कि परम्परा से हट कर कोई आयोजन नहीं होगा। अगर ऐसा हुआ तो उसके लिए थाना प्रभारी व चौकी इंचार्ज की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने संवेदनशील और मिश्रित क्षेत्रों की ड्रोन कैमरों से निगरानी और पैदल गश्त करने के निर्देश दिए। साथ ही, सोशल मीडिया माध्यमों पर आपत्तिजनक व भडकाऊ पोस्ट करने वालो पर पैनी नजर रखी जाएगी। कलस्टर व्यवस्था कर थाना चौकी के फोर्स को हेलमेट एवं बॉडी प्रोक्टर से लैस रखने के भी निर्देश दिये।
रेंज में ईदगाह और मस्जिद
मेरठ परिक्षेत्र के जनपद मेरठ, बुलंदशहर, बागपत एवं हापुड़ में 508 ईदगाह तथा 957 मस्जिदों में नमाज अदा की जाएगी। इनमें मेरठ में 173 ईदगाह व 515 मस्जिद, बुलंदशहर में 183 ईदगाह व 186 मस्जिद, बागपत में 68 ईदगाह व 205 मस्जिद तथा जनपद हापुड़ में 84 ईदगाह व 51 मस्जिदों में नमाज अदा की जाएगी।
बकरीद पर तैनात फोर्स
कानून व्यवस्था के दृष्टिगत परिक्षेत्र के जनपदों में 8 अपर पुलिस अधीक्षक, 25 सीओ, 95 निरीक्षक, 1045 उप निरीक्षक, 1395 हेड कांस्टेबल, 2035 आरक्षी एवं 1005 होमगार्ड / पीआरडी तथा दो कम्पनी पीएसी की ड्यूटी लगाई गई है।
डीआईजी के दिशा-निर्देश
ईद से संबंधित प्रत्येक मामले व विवाद को सीओ और एएसपी स्वयं देखकर आवश्यक कार्रवाई करें।
अगर बकरा मंडी विवादित स्थल पर तो चेक कर समय से निस्तारण करें।
अत्यंत संवेदनशील मिश्रित आबादी वाले क्षेत्र में 24 घंटे 7 दिन पिकेट रखें।
प्रतिबंधित पशुओं व खुले स्थानों पर कुबानी न हो, इसके दृष्टिगत विशेष सतर्कता बरती जाए।
गत वर्ष की तरह परम्परागत एवं शान्तिपूर्ण ढंग से नमाज पढ़ी जाए।
किसी भी प्रकार का कोई गैर परम्परागत कार्य ना हो, जनपद प्रभारी इसके लिए थाना प्रभारी व चौकी इंचार्ज की जवाबदेही तय करें।
सांप्रदायिक प्रभाव वाले सभी विवादों पर कड़ी नजर रखी जाए।
असामाजिक तत्वों द्वारा किसी प्रकार की अफवाहें मस्जिदों अथवा उसके आस पास न फैलायी जाए।
सोशल मीडिया के विभिन्न माध्यमों जैसे- फेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्वीटर, व्हाट्सएप
आदि पर सतर्क दृष्टि रखी जाए।

